अलीगढ़, जागरण संवाददाता। विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखवाने और उनको उच्च शिक्षा तक पढ़ाई के अवसर प्रदान कराने के उद्देश्य से बेसिक व माध्यमिक शिक्षा दोनों विभागों को परस्पर सहयोग से काम करना होगा। केवल एक विभाग पर जिम्मेदारी रखकर काम को लंबे समय तक टालते रहने की प्रवृत्ति को खत्म किया गया है। दोनों ही विभागों के अधिकारियों व शिक्षकों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में अहम रोल अदा करेगी।

यह है रणनीति

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों से कक्षा आठवीं पास करने के बाद तमाम विद्यार्थी कक्षा नौवीं में दाखिला न मिलने के चलते पढ़ाई छोड़ देते हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी छात्राओं की आगे की पढ़ाई रुक जाती है। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अब आठवीं पास करने के बाद घर नहीं बैठेंगे। न ही पढ़ाई छोड़कर किसी काम में लगेंगे। अब उनको पास के ही राजकीय विद्यालय में नौवीं कक्षा मेें दाखिला दिलाया जाएगा। सभी खंड शिक्षाधिकारियों व प्रधानाध्यापकों को इसमें सहभागिता करनी होगी। खंड शिक्षाधिकारी आठवीं पास बच्चों की सूची तैयार कर उनके घर जाएंगे। उनके अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। बालिकाओं के शत-प्रतिशत प्रवेश कराने पर विशेष जोर रहेगा। इसमें माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व अफसरों की जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर बेसिक शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की संख्या मांगेंगे। किस विद्यालय से कितने विद्यार्थी पास हुए और उनको राजकीय विद्यालयों में नौवीं कक्षा में कहां-कहां प्रवेश दिया जाएगा? इसमें माध्यमिक विभाग के शिक्षक व प्रधानाचार्य भी सहयोग करेंगे। शासन से निर्देश जारी होने के बाद जिले में अफसरों ने इस ओर कार्रवाई तेज कर दी है।

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हर ब्लाक के कक्षा एक से आठ तक के सरकारी स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली आठवीं की छात्राओं की सूची बेसिक शिक्षा विभाग तैयार करेगा। इसको समय से माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को समय से हासिल करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया है। आठवीं पास करने वाले बच्चों को राजकीय विद्यालयों में नौवीं कक्षा में प्रवेश दिलाया जाएगा। किस ब्लाक से कितने बच्चे राजकीय विद्यालयों में गए इसकी रिपोर्ट भी तैयार होगी। फिर इसे शासन को भेजा जाएगा। कार्य में शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।