अलीगढ़, जागरण संवाददाता। लाडलों की स्वास्थ्य सुरक्षा का सवाल एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों के सामने खड़ा हाे गया है। करीब 80 दिनों बाद जिले में कोरोना संक्रमित व्यक्ति का मामला प्रकाश में आने के बाद शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की ओर अफसरों ने ध्यान केंद्रित कर दिया है। अब शैक्षणिक संस्थानों में इस काम के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को लगाया जाएगा। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों की इस टीम को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने व कोविड-19 नियमों के पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हकीकत सामने आई

यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आइसीएसई से संबद्ध स्कूल-कालेजों में कोविड-19 के सुरक्षा मानकों के पालन न किए जाने की रिपोर्ट अफसरों के पास पहुंची हैं। इस पर सभी बोर्ड के स्कूल-कालेजों को नोटिस जारी किया गया है। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि निरीक्षण टीमों ने कई स्कूल-कालेजों का गोपनीय ढंग से निरीक्षण किया है। रिपोर्ट में तथ्य सामने आया है कि ज्यादातर जगहों पर कोविड-19 संक्रमण से बचने के सुरक्षा मानकों को ताक पर रख स्कूल संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में सभी संस्थानों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है कि विद्यालयों में कोरोना वायरस से सुरक्षा के सभी उपायों को अपनाया जाए। अगर वे इन उपायों का पालन नहीं करा पा रहे हैं तो उनको विद्यालय संचालित करने की अनुमति नहीं है। कोराेना संक्रमित मरीज के प्रकरण के आने के बाद कड़ाई से कोविड-19 गाइडलाइंस के पालन के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए अनिवार्य रूप से कोरोना से बचाव के उपाय संस्थानों में कराए जाएंगे। लापरवाही करने वालों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति कर रिपोर्ट संबंधित बोर्ड को भेजी जाएगी।

राेजाना जाएगी रिपोर्ट 

कहा कि हर स्कूल में मुख्य गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था, रोजाना विद्यार्थियों के शरीर का तापमान दर्ज करना, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को दूर-दूर बैठाने की व्यवस्था आदि नियमों का पालन कड़ाई से कराना है। साथ ही विद्यालयों में सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक भी रहेगी। अगर किसी विद्यालय में निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की टीम रोजाना विद्यालयों में निरीक्षण कर रिपोर्ट कार्यालय में पेश करेगी।