अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  क्वार्सी क्षेत्र के रमेश विहार कालोनी में 12 अक्टूबर की रात महिला डाक्टर आस्था अग्रवाल की हुई हत्या के मामले में पुलिस एक तरफ चौथे आरोपित अशोक की तलाश में लगी है। वहीं दूसरी तरफ साक्ष्य संकलन भी कर रही है। पुलिस का जोर है कि आरोपितों को कड़ी सजा दिलाई जाए। पुलिस ने सोमवार को मामले से पर्दा उठाकर पति समेत तीन लोगों को जेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक, आस्था की हत्या उसी के पति ने सुपारी देकर कराई थी।

13 अक्‍टूबर को घर में मिला था महिला डाक्‍टर का शव

इंटीग्रेटेड कोरोना कंट्रोल रूम में तैनात डा. आस्था अग्रवाल का शव 13 अक्टूबर को उनके रमेश विहार स्थित घर के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। डा. आस्था की बहन आकांक्षा अग्रवाल ने कासिमपुर में राधिका आक्सीजन प्लांट चलाने वाले पति अरुण अग्रवाल समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में अरुण के बड़े भाई तरूण अग्रवाल को जेल भेज दिया। इधर, आरोपित पति अरुण अग्रवाल सोमवार को अपनी कार से भाग रहा था। तभी उसे क्वार्सी इंस्पेक्टर विजय सिंह, एसओजी, सर्विलांस की संयुक्त टीम ने जवां क्षेत्र के कासिमपुर के पास से दबोच लिया गया। आरोपित ने हत्या का जुर्म स्वीकारते हुए बताया कि प्लांट में तैनात निजी गार्ड विकास निवासी साथा, जवां का सहयोग लिया था। इसमें विकास के ही जरिए गांव के पवन कुमार व अशोक उर्फ टशन काे हत्या के बदले एक लाख रुपये की सुपारी दी थी।

पति ने रची थी साजिश

आरोपित अरुण ने बताया कि योजना के तहत 12 अक्टूबर की रात को कार से विकास व उसके दोनों साथियों के साथ मिलकर बच्चों को डरा-धमका कर ड्राइंग में बिठा दिया था। फिर तेज आवाज में टेलीविजन चला दिया। ताकि चीख-पुकार की आवाज बाहर न जा सके। फिर रस्सी की मदद से पहले गला घोंट दिया और उसके बाद घटना को आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को छत के जाल में फंदे पर लटका दिया था। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि साक्ष्य संकलन किए जा रहे हैं। आरोपितों को सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की जाएगी। वहीं, चौथे आरोपित की तलाश में टीमें लगी हुई हैं।

Edited By: Anil Kushwaha