एसएमबी इंटर कालेज में सीडीओ की अध्यक्षता में प्रधानाचार्यो की बैठक, एक प्रधानाचार्य का रोका वेतन। जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन के काम में ढिलाई बरतना प्रधानाचार्यों पर भारी पड़ गया है। अफसरों ने वैक्सीनेशन की धीमी गति पर एक प्रधानाचार्य पर वेतन रोकने के साथ छह वित्तविहीन विद्यालयों को मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को एसएमबी इंटर कालेज में सीडीओ अंकित खंडेलवाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में ये फैसला लिया गया है।

डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि 70 फीसद से कम वैक्सीनेशन कराने वाले करीब 80 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बैठक में बुलाया गया था। सभी ने अपने-अपने स्पष्टीकरण दिए। इसमें महेश्वर ग‌र्ल्स इंटर कालेज में काफी धीमी गति से वैक्सीनेशन कराने पर प्रधानाचार्य का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। वहीं छह वित्तविहीन कालेजों के प्रधानाचार्यों को मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस जारी किया गया है। इनको मंगलवार तक का समय दिया गया है कि ये संस्थान अपने यहां वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा लें। अन्यथा की स्थिति में उनके खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति कर रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी जाएगी। कहा कि 15 से 18 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाना शासन की प्राथमिकता का काम है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अफसरों की सख्ती से स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है। यह खलबली कितनी देर तक रह पाती है, यह तो वैक्सीनेशन की प्रगति पर ही निर्भर करेगा। अगर वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ी तो यह सबक होगा।

इन संस्थानों को मिला नोटिस

डीआइओएस ने बताया कि रोशन सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पनहरा, एसएसएमबी इंटर कालेज क्वार्सी, महाउरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरेंद्र नगर, वासुदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मित्रनगर, प्यारेलाल इंटर कालेज हरदोई अतरौली, हरदयाल सिंह इंटर कालेज सिधौली को नोटिस जारी किया गया है।

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