कासगंज में गिरफ्तार अनामिका शुक्ला कौन है,  अभी तक उजागर नहीं हुआ है।  लेकिन काकस का खेल पकड़ में आ गया है। एक ही दस्तावेज को कई जिलों में प्रयोग कर कॉकस ने कॉलेज में पढऩे वाली छात्राओं को भी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में शिक्षिका बना डाला। अगर मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग नहीं होती तो शायद कॉकस का यह खेल भविष्य में भी जारी रहता।

विभाग के जानकार भी खेल में शामिल 

इस पूरे खेल में शिक्षा विभाग के जानकार भी शामिल थे, जिन्हेंं पता था कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में संविदा पर लगने वाली नौकरी में दस्तावेजों की जांच नहीं होती। बल्कि सिर्फ साक्षात्कार के दौरान ही असली अभिलेख देखे जाते हैं। चयन मेरिट के आधार पर होता है ऐसे में अनामिका के दस्तावेजों को आधार बनाया। क्योंकि इसमें ग्रेजुएशन को छोड़कर हाईस्कूल से इंटर तक 76 फीसद से ज्यादा अंक हैं। इसमें यह कॉकस सफल भी हुआ। कासगंज में पकड़ी गई कथित अनामिका के अनुसार उसकी मुलाकात गोंडा के रघुकुल विद्यापीठ में बीएससी की शिक्षा के दौरान ही मैनपुरी निवासी राज नाम के व्यक्ति से हुई थी उसने ही कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी की सलाह दी। एक लाख रुपये में दस्तावेज तैयार करने और नौकरी लगवाने का वायदा किया। उसने ही अगस्त 2018 में उसे नियुक्ति पत्र भी दिलाया।

धुंधली फोटो बनी मददगार

अनामिका के मूल दस्तावेजों में धुंधली फोटो भी इस कॉकस की मददगार बनी। साक्षात्कार के दौरान यह फोटो देखी जाती है, लेकिन धुंधली होने पर अभ्यर्थी के आधार कार्ड एवं अन्य पहचान पत्र के आधार पर चयन किया जाता है। जिस तरह से बैंकों में अनामिका शुक्ला के नाम से खाता खुलवाया गया, उससे माना जा रहा है कि आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज फर्जी तैयार कराए गए।

अनामिका शुक्ला के प्रमाण पत्र

हाईस्कूल : 76.83

इंटर : 78.60

बीएससी : 55.61

बीएड : 76.50

सभी अंक फीसद में हैं। टीईटी में अनामिका शुक्ला के मूल अभिलेख में 91 अंक हैं।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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