अलीगढ़, जागरण संवाददाता। एटा के कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या की योजना बनाने वाले सभी आरोपितों के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब शूटरों की तलाश में जुट गई है। मुख्य आरोपित अंकुश ने ने टप्पल के शूटर प्रवीण का नाम लिया था। वहीं पुलिस को दूसरे शूटर का भी नाम मिल गया है। दोनों अपने क्षेत्र से फरार हैं। इनके गैर राज्य में भागने की संभावना है।

यह है मामला

27 दिसंबर 2021 को रामघाट रोड पर एटा के अलीगंज निवासी कारोबारी संदीप गुप्ता की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। पुलिस इस मामले में साईं विहार कालोनी निवासी ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल को दो दिन बाद गिरफ्तार करके पर्दाफाश किया था। बताया था कि राजीव के बेटे अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है। इसके बाद संदीप की कार की रैकी करने वाले तीन नाबालिगों के अलावा घटनाक्रम में शामिल रहे मनीष, अनुराग यादव, उत्कर्ष, दुष्यंत पकड़े गए। अंकुश व साहिल फरार थे। दोनों पर एडीजी आगरा जोन ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। अदालत ने कुर्की के नोटिस भी जारी कर दिए थे। मुखबिर व सर्विलांस की मदद से टीमों को जानकारी मिली कि दोनों आत्मसमर्पण करने के लिए अलीगढ़ आए हैं। इस पर थाना सिविल लाइन और एसओजी की टीम ने सोमवार रात को दोनों आरोपितों को रमेश विहार कालोनी स्थित रायल कावेरी चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। अंकुश ने पूछताछ में बताया कि पत्नी दीप्ति से विवाद रहता था। ऐसे में वह दीप्ति के साथ नहीं रहना चाहता था। लेकिन, संदीप दीप्ति के साथ रहने का दबाव बनाते थे।

व्‍यापार में हो गया घाटा

अंकुश का कहना है कि समझौते के दौरान कई बार संदीप ने डांटा था। गालीगलौज भी की थी। शेष 45 रुपये मांगे जा रहे थे। इससे तनाव में रहने लगा। जब उसकी बेटी भी अलग हो गई तो और तनाव में आ गया। संदीप ने अंकुश के पिता के ट्रक रुकवा दिए। इससे अंकुश को भी घाटा होने लगा। इन सब बातों के बाद ही अंकुश ने संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया कि शूटरों की तलाश में टीमें लगी हैं।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena