जागरण संवाददाता, अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के पेपर लीक कहा से और कैसे हुआ, यह अलीगढ़ के विष्णु और निर्दोष से पता लगेगा। इस मामले में जिले के ही गौरव की गिरफ्तारी के बाद ये दोनों नाम सामने आए हैं। इनसे पाच लाख रुपये में पेपर लेकर मथुरा बेचा गया था। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ डेरा डाले हुए हैं। पिछले चौबीस घटों के दौरान कई स्थानों पर छापे मारे गए। कई लोगों से पूछताछ की गई है। आरोपितों के रिश्तेदारों के यहा भी नजर रखी जा रही है।

गिरोह का सरगना गौंडा थाने के पीछे पाली जी वाली गली निवासी निर्दोष चौधरी को माना जा रहा है। वह शिक्षक है। सिकंद्राराऊ (हाथरस) क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में तैनाती है। इसका भाई उपदेश चौधरी यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में आगरा में तैनात है। वह भी फरार है। टप्पल क्षेत्र के हजियापुर निवासी गौरव मलान ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि निर्दोष चौधरी व उसके दोस्त विष्णु से पाच लाख रुपये में पेपर का सौदा तय हुआ था। इनसे धमर्ेंद्र मलिक, रवि पवार उर्फ बंटी, मनीष मलिक उर्फ मोनू व अजय उर्फ बबलू को मथुरा में मिलवाया। तभी तय रुपये दे दिए गए। परीक्षा शुरू होने से कुछ घटे पहले पेपर की एक कापी वाट्सएप पर देने की बात तय हुई। इन्होंने हिदायत दी थी कि चार-पाच लड़कों से अधिक को नहीं दें। 28 नवंबर को निर्दोष ने उसे पेपर भेजा था। जिसे उसने चार-पाच लड़कों को दो-दो लाख रुपये में बेचा था। इसमें से चार लाख रुपये निर्दोष को और देने थे। पेपर के मैच होने पर लड़कों से रुपये मिलते। लेकिन इससे पहले ही परीक्षा रद हो गई।

आरोपित शिक्षक के भाई से है गौरव की दोस्ती : गिरफ्तार किए गए गौरव की आरोपित शिक्षक निर्दोष के छोटे भाई उपदेश से दोस्ती है। उपदेश यूपी पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में आगरा में तैनात है। गौरव ने बताया कि वह और उपदेश वर्ष 2011-12 में एएमयू में पढ़ते थे। इस दौरान उसकी निर्दोष से जान-पहचान हुई थी। उपदेश ने बताया था कि आनलाइन या आफलाइन होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में कोई मदद चाहिए तो बड़े भाई निर्दोष से संपर्क कर लेना। विष्णु का निर्दोष दोस्त है। आउट पेपर कहा से आया इसकी जानकारी इन्हीं दोनों को है।

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तय हो चुका है निर्दोष का रिश्ता

गिरोह के सरगना निर्दोष कुमार का गौंडा क्षेत्र की चिंता नगलिया गाव की एक शिक्षिका से रिश्ता तय हो चुका है। शादी की तारीख तय होना शेष था। निर्दोष तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। बड़ा भाई विवेक चौधरी आइएएस की प्री- परीक्षा को पास कर चुका है। पिता केहरी सिंह मूल रूप से हाथरस के सादाबाद क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे इलाके के ही भूखपुरा स्थित जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के रूप में तैनात हैं।

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साल्वर गैंग व नौकरी लगवाने

का झासा देने का भी आरोप

निर्दोष के अलावा उसके दोनों भाइयों पर नौकरी लगवाने के नाम पर झासा देकर ठगी करने व साल्वर गैंग से जुड़ा होने की चर्चा है। पड़ोसियों के अनुसार इसको लेकर आए दिन हंगामा होता रहता था। तीनों ही भाई पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज तर्रार हैं। इगलास के सीओ अशोक कुमार ने बताया कि एसटीएफ की टीम इलाका पुलिस की मदद से फरार आरोपितों की खोजबीन में जुटी हुई है।

Edited By: Jagran