अलीगढ़, जागरण संवाददाता। सफाई कर्मचारियों को नगर निगम के नए वार्ड नहीं भा रहे। ये वो कर्मचारी हैं, जिन्हें इन वार्डों में समायोजित किया गया था। कर्मचारी अब यहां काम करना नहीं चाहते। अधिकारी सुन नहीं रहे तो कर्मचारी नेताओं को अपनी परेशानी बता रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नए वार्डों में काम का दबाव बहुत है। न नालियां हैं, न पक्की सड़क, सफाई कैसे करें? स्थानीय लोग कमियां निकाल कर आए दिन कर्मचारियों से झगड़ते हैं। अधिकारियों से शिकायत भी कर देते हैं। कर्मचारी नेताओं ने इनकी पैरवी के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।

यह है रणनीति

नगर निगम सीमा में शामिल 19 ग्राम पंचायतों को वार्ड घोषित कर दिया है। 70 वार्ड पहले से थे, अब 80 हो गए हैं। 10 नए वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए निगम अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों के समायोजन का फैसला लिया था। नए वार्डों में कई कर्मचारी समायोजित कर भी दिए गए। जहां कमी मिली, वहां आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की भर्ती कर नियुक्त कर दिया गया। चूंकि, विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में स्थानीय समस्याओं को विपक्ष तूल ने दे, ये सोचकर भी अधिकारी सोच समक्ष कर आगे बढ़ रहे हैं। साफ-सफाई को लेकर अक्सर शिकायतें आती हैं। नए वार्डों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने से सफाई व्यवस्था बदहाल थी। पिछले साल तत्कालीन नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल में इन वार्डों में कर्मचारी नियुक्त किए थे, लेकिन ज्यादातर कर्मचारी वहां गए ही नहीं। इसी साल कर्मचारियों का समायोजन कर नए वार्डों में उनकी नियुक्ति कर दी। इसके तहत पुराने 23 वार्डों में 30-30 और 34 वार्डों में 22-22 कर्मचारियों की तैनाती कर 74 स्थाई, 38 संविदा और 27 आउटसोर्स कर्मचारियों का स्थानातंरण कर दिया गया। वहीं, नए बनाए गए वार्ड संख्या 71 में 12, वार्ड 73 में 11, वार्ड 74 में 11, वार्ड 75 में 11, वार्ड 76 में 12, वार्ड 77 में 12, वार्ड 78 में 11, वार्ड 79 में 11 और वार्ड 80 में 11 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। नए वार्डों में सड़क, नालियां पहले से ही बदहाल हैं, नए निर्माण कार्य कराए नहीं गए। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं है। एक-दो वार्ड में ही कूड़ा उठाने के लिए वाहन आते हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने नए वार्डों में जल्द ही विकास कार्य शुरू कराने का आश्वासन कर्मचारी नेताओं को दिया है।