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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अलीगढ़ में पुरानी सड़क के मलबे से तैयार होंगी नई सड़क

By Sandeep Kumar SaxenaEdited By:
Published: Wed, 10 Nov 2021 07:21 AM (IST)

सड़कों के निर्माण में अब फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसमें पुरानी सड़क के मलबे से ही ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इनका निर्माण हो रहा है। जल्द ही विभाग काम शुरू कर देगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इनका निर्माण हो रहा है। जल्द ही विभाग काम शुरू कर देगा।

अलीगढ़, सुरजीत पुंढीर। सड़कों के निर्माण में अब फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक का इस्तेमाल होगा। इसमें पुरानी सड़क के मलबे से ही नई सड़क बनाई जाएंगी। मंडल में पहली बार इस नई तकनीक से हाथरस जिले की चार सड़कों के निर्माण का निर्णय हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इनका निर्माण हो रहा है। जल्द ही विभाग काम शुरू कर देगा। नई तकनीक से निर्माण में 20 प्रतिशत की लागत तो कम होगी ही, साथ ही पर्यावरण भी अनुकूल रहेगा। पहाड़ों से गिट्टी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, सड़क भी मजबूत होगी। ऐसे में उम्र भी बढ़ जाएगी।

दो विभागों को जिम्‍मेदारी

फिलहाल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण का जिम्मा दो विभागों के ऊपर है। इनमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व लोक निर्माण विभाग शामिल हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तीन पर काम चल रहा है। इसमें अलीगढ़ जिले में करीब दो दर्जन से अधिक सड़कों पर काम चल रहा है। वहीं, हाथरस में भी इतनी ही सड़कें बन रही हैं। शासन स्तर से अलीगढ़ मंडल में इस योजना के तहत एफडीआर तकनीक से हाथरस जिले की चार सड़कें बनाने का फैसला लिया गया है। इन सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी गई है। सड़कों का चयन हो चुका है। जल्द ही इन पर काम शुरू हो जाएगा।

ऐसे बनेंगी सड़कें

सरकार ने लागत घटाने के लिए एफडीआर तकनीक से सड़क निर्माण को मंजूरी दी है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के इंजीनियर बताते हैं कि इस तकनीक में पुरानी सड़क के पूरे मलबे का दोबारा इस्तेमाल हो जाता है, स्टोन एग्रीगेट यानी गिट्टी की जरूरत भी नहीं पड़ती। इसमें सड़क का निर्माण बहुत तेजी से होता है और मरम्मत में खर्च भी कम आता है। क्रस्ट व सीमेंट को मिलाकर सड़क बनती है। इनके निर्माण पर 20 प्रतिशत तक लागत कम आती है। वहीं, सड़क सामान्य से अधिक मजबूत भी होती है।

नई तकनीक से इन सड़कों का होगा निर्माण

-सादाबाद जलेसर 11 किमी से सुल्तानपुर लोचई रोड मार्ग

-कैलोरा से वरवाना मार्ग

-कुरसंडा से मई मार्ग

-सासनी से इगलास मार्ग

अलीगढ़ मंडल में पहली बार एफडीआर तकनीक से चार सड़क बनाने का फैसला हुआ है। हाथरस जिले में इसके लिए सड़कों का चयन हो चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया हैं। हाथरस सांसद के प्रयासों से इन सड़कों का निर्माण हो रहा है।

मदनपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, अलीगढ़ व हाथरस

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्र सरकार तेजी से सड़कों का जाल बिछा रही है। अलीगढ़ व हाथरस जिले में बड़ी संख्या में सड़क बन रही हैं। अब नई तकनीक से सड़क बनेंगी। यह सड़क काफी अधिक किफायती व मजबूत होंगी।

राजवीर दिलेर, हाथरस सांसद