अलीगढ़, जेएनएन।  नगर निगम का प्रवर्तन दल फिर खाली बैठा है। सड़कों से अतिक्रमण हटाने व वेंडिंग जोन को व्यवस्थित करने के वजाह प्रतर्वन दल सेवाभवन में टलहता नजर आता है। प्रवर्तन दल प्रभारी का दफ्तर भी सूना पड़ा है। जबकि, वीकेंड लाकडाउन के दौरान नालों पर अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी प्रवर्तन दल को दी गई थी। बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों के होम आइसोलेट होने व अवकाश जाने के चलते प्रवर्तन दल को दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। स्वच्छता अभियान में भी प्रवर्तन दल को शामिल नहीं किया गया है। जबकि, पिछले लाकडाउन में प्रवर्तन दल द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ निरंतर कार्रवाई हुई थी। 

ऐसे हुआ था प्रवर्तन दल का गठन

शहरों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए शासन स्तर से प्रत्येक नगर निगम में रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति बतौर प्रवर्तन दल प्रभारी के रूप में हुई थी। अलीगढ़ में रिटायर्ड कर्नल निशीथ सिंघल को भेजा गया। इसके बाद नगर आयुक्त ने 11 रिटायर्ड फौजियों की नियुक्ति कर प्रवर्तन दल का गठन किया। शुरुआत में इस दल ने निरंतर कार्रवाई की। इसको लेकर शिकायतें आने लगीं। जन प्रतिनिधि भी प्रवर्तन दल के खिलाफ हो गए। तब प्रवर्तन दल के सभी 11 रिटायर्ड फौजियों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गईं। हालांकि, कुछ समय बाद इनकी बहाली भी हाे गई। कार्रवाई के लक्ष्य भी निर्धारित किए गए। दो हफ्ते लक्ष्य का पीछा करने के बाद प्रवर्तन दल ठंडा पड़ गया। पिछले डेढ़ माह से अतिक्रमण के खिलाफ काेई अभियान नहीं चला। सामान्य तौर पर वेडिंग जोन, राजस्व वसूली व अन्य किसी तरह की कार्रवाई में प्रवर्तन दल को शामिल नहीं किया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी में अन्य अभियानाें के चलते प्रवर्तन दल की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है

 

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