अलीगढ़, जागरण संवाददाता। अब मेहनत-मजदूरी करने वाले श्रमिकों का भी आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज होगा। हालांकि, योजना का लाभ केवल भवन एवं सन्निर्माण क्षेत्र में कार्यरत एवं श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों व उनके परिवार को ही मिलेगा। ऐसे श्रमिक परिवारों की संख्या 16 हजार 171 है। इन परिवारों के जन सेवा केंद्रों पर गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य शुरू हो गया है।

ये है योजना

आयुष्मान भारत योजना देश में कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख रुपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराती है। जनपद में इसकी शुरुआत 25 सितंबर 2018 से हुई। इसमें किडनी, टीबी, दिल की बीमारी, मैटरनल हेल्थ और सी-सेक्शन या उच्च जोखिम प्रसव की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, कैंसर, टीबी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, लिवर शुगर, घुटना प्रत्यारोपण आदि बीमारी का इलाज दिया जा रहा है। जनपद में योजना के अंतर्गत 36 हजार से अधिक गरीबों का इलाज हो चुका है, जिसका 20 करोड़ से अधिक खर्चा सरकार वहन कर रही है।

निरंतर बढ़ रहा दायरा

योजना के अंतर्गत सर्वप्रथम लाभार्थियों का चयन आर्थिक व सामाजिक गणना-2011 की सूची (सेक) के आधार पर किया गया है। इसमें एक लाख 48 हजार 436 ग्रामीण व 84 हजार 77 शहरी परिवार शामिल किए। इसके बाद मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 9818 गरीब परिवारों का चयन गुआ। अब 16 हजार 171 श्रमिक परिवारों को लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया है। इस तरह कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या अब दो लाख 58 हजार 502 (कुल 12 लाख 20 हजार 145 लाभार्थी सदस्य) पहुंच गई है।

भवन एवं सन्निर्माण क्षेत्र के श्रमिक नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। कार्ड बनवाने के लिए पहचान के तौर पर आधार व अन्य मान्य प्रमाण पत्र और राशन कार्ड अनिवार्य है। राशन कार्ड में परिवार के जिन सदस्यों का नाम होगा, उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। अभी ई-श्रमिक कार्डधारकों का गोल्डन कार्ड नहीं बनेगा।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena