जासं, अलीगढ़ : एडीजे तृतीय राजेश भारद्वाज की अदालत ने अकराबाद क्षेत्र में चार साल पहले बुजुर्ग महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति में देने के आदेश दिए हैं।

एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी ने बताया कि घटना दो मई 2018 की है। अकराबाद क्षेत्र की 60 वर्षीय महिला के बेटे व बहू दूसरे गांव में रहते थे। बेटे को फालिज का अटैक आया था। बहू को बच्चा होने वाला था। घटना के दिन दो लोगों ने महिला से उसके बेटे के गांव में जाने की बात कही। महिला बेटा को देखने के लिए टेंपो में उनके साथ चली गई। रात नौ बजे आरोपित टेंपो से महिला के साथ लौट रहे थे। करीब 10 बजे रास्ते में आरोपितों ने टेंपो को खेरे वाले पुल पर रोक लिया और लाइट बंद कर दी। दोनों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला के दामाद की तहरीर पर पुलिस ने सरजीत व नहना उर्फ सुनील के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया। सत्र परीक्षण व गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया है। इसमें आरोपित सुरजीत जेल में ही था, जबकि नहना जमानत पर बाहर था। शुक्रवार को उसे भी जेल भेज दिया है। सजा होने के बावजूद दोषियों के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। अम्मा बोलकर ले गए थे नहना की बहन की शादी भी उसी गांव में हुई, जहां महिला का बेटा रहता है। नहना अपनी बहन के घर फ्रिज देने जा रहा था। साथ में सरजीत था। दोनों टेंपो चलाते थे। दोनों ने महिला से कहा कि अम्मा चलो, बरला क्षेत्र के गांव जा रहा हूं। बेटे को देख आना। भरोसा करके महिला उनके साथ चली गई। फांसी की सजा की मांग एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी की ओर से इस मामले में आरोपितों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग की गई थी। एडीजीसी ने कहा कि ये बहुत गंभीर प्रवृत्ति का मामला था, जिसने समाज को शर्मसार किया। अदालत ने दोनों को दोषी पाया और सजा सुनाई है।

Edited By: Jagran