अलीगढ़, जागरण संवाददाता। सर्द मौसम के साथ कोहरे व धुंध में वाहन चलाना बेहद जोखिम भरा होता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों के पालन के साथ ही सावधानी बेहद जरूरी है। इससे होने वाले सड़क हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। खासकर कोहरे के समय शहर व हाईवे पर वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी चाहिए। आलम यह है कि पिछले तीन सालों में जिले में हाेने वाले हादसों व उनमें होने वाली मौतों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। इन हादसों में किसी व्यक्ति की मौत के बाद उस पर आश्रित पूरा एक परिवार सालों पीछे चला जाता है। हताहतों के साथ तो मानों दुश्वारियों का पहाड़ ही टूट पड़ता है ।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी

अक्सर कोहरे में होने वाले हादसों के दौरान देखने को मिलता है कि सड़क पर बिना किसी इंडीकेटर व सुरक्षा के ही सरियों से लदे ट्रक, खाद्यान्न लेकर बिना हेड लाइट के टार्च की मदद से दौड़ते ट्रैक्टर ही हादसों का कारण बनते हैं। ट्रकों, बसों आदि बड़े वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करते समय और सतर्कता होनी चाहिए। मनमाने और बेतरतीब वाहनों को खड़ा कर देने पर घने कोहरे में यह दिखाई नहीं देते हैं और बड़े हादसों के कारण माने जाते हैं। नशा कर वाहन चलाना भी हादसों के लिए कम जिम्मेदार नहीं है।

तेज रफ्तार में न करें वाहन ओवरटेक

सड़क पर वाहन चलाते में रेस न लगाएं। यह जरूरी नहीं कि कोई आपसे आगे निकल गया है तो आप भी उससे आगे निकलें और यातायात के नियमों को तोड़ें। अगर आप यातायात के नियमों का पालन करते हुए गाड़ी चलाते हैं तो यह आपके साथ-साथ दूसरों के लिए भी अच्छा होगा।

अवैध कटों पर लगें संकेतक

हाइवे के रास्ते रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में होने वाले हादसाें को रोकने के लिए अवैध कटों पर संकेतक या बोर्ड लगाए जाने चाहिए, ताकि सड़क हादसों का ग्राफ कम हो सके।

एक्सपर्ट राय: हादसों से सालाना 3.98 कराेड़ का नुकसान

सड़क सुरक्षा के लिए काम करने वाले वैज्ञानिक मदन मोहन शर्मा का कहना है कि देश में सड़क हादसों से दो लाख से अधिक मौतें होती हैं। इनमें 20 लाख लोग इन हादसों में घायल व दिव्यांग हो जाते हैं। इन हादसों के चलते देश को 3.98 करोड़ के राजस्व का सालाना नुकसान होता है। रोड एक्सीडेंट से होने वाली बर्बादी देश के लिए बेहद घातक है। हादसे गरीबी बढ़ाने का काम कर रहे हैं, क्योंकि जितने लोग सरकारी योजनाओं से लाभांवित नहीं होते हैं उससे कहीं अधिक इन सड़क हादसों के चलते बर्बाद हो रहे हैं।

वाहन चलाते में यह बरतें सावधानी

  • कोहरे में सड़क किनारे सफेद पट्टी देखकर चलें। इंडीकेटर को चालू रखते हुए हार्न का प्रयोग करते रहें। वाहन में फाग लैंप लगवाएं।
  • - चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट बांधे। बाइक चलाते समय हेलमेट पहने। ज्यादा जरूरी न हो तो रात में वाहन चलाने से परहेज करें।
  • - रात में वाहन चलाते में सावधानी बरतें। सामने व पीछे से आ रहे वाहनों से निश्चित दूरी बनाए रखें।
  • - सड़क पार करते समय दोनों ओर को देखकर पार करें। हड़बड़ी में दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।
  • - सड़क पर अचानक ब्रेकर आने पर सावधानी बरतें। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में वाहन की स्पीड नियंत्रित रखें ।
  • - सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार करने पर पर्याप्त दूरी बनाए रखें। तेज रफ्तार वाहनों को रोकने की कोशिश न करें।
  • - वाहनों पर लाइट रिफलेक्टर लगाएं। रात में वाहन चलाते समय अपर-डिपर का प्रयोग करें। अचानक ब्रेक लेने से बचें ।

ये हैं जिले के ब्लैक स्पाट

अबंतीबाई चौराहा अतरौली, बरौठा नहर हरदुआगंज, गंगीरी, गोपी अकराबाद, पनैठी, नानऊ, खेरेश्वर-लोधा, चूहरपुर गभाना, बरौली मोड़, मुकंदपुर- मडराक, पीतल फैक्ट्री-मडराक, यमुना एक्सप्रेस वे

तीन साल में सड़क हादसों का विवरण -

वर्ष, हादसे, मृतक, घायल, बिना हेलमेट

2019, 489, 391, 198, 193

2020, 327, 232, 233, 169

2021, 478, 422, 492, 198

(आंकड़े: एक जनवरी से 30 नवंबर 2021 तक, स्रोत ट्रैफिक पुलिस)

Edited By: Anil Kushwaha