अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  विधानसभा चुनाव में धन के प्रभाव को रोकने के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग बेहद गंभीर है। सभी प्रत्याशियों को अपने निर्वाचन एजेंट के साथ संयुक्त रूप से एक बैंक खाता खुलवाने की अनिवार्यता की गई है। प्रत्याशी ही नहीं, अन्य किसी व्यक्ति के खाते से संदिग्ध निकासी या लेन-देन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

प्रत्‍याशी अधिकतर 40 लाख रुपये व्‍यय कर सकता है

जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने बताया कि आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक प्रत्याशी को 40 लाख तक व्यय करने की सीमा निर्धारित की गई है। सभी प्रत्याशी निर्धारित सीमा में ही व्यय करें, इसके लिए व्यवस्था की गई है कि वह अलग से बैंक खाता खुलवाएं। चुनाव संबंधी व्यय उसी खाते से ही किए जाएं। प्रत्याशी यह खाता अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी डाकघर, बैंक या सहकारी बैंक में खोल सकते हैं। लीड बैंक मैनेजर व डाक अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे बैंक खाता खुलवाने में प्रत्याशियों का सहयोग करें। दोनों अधिकारी अपने यहां निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते से नकद लेन-देन की प्रतिदिन की संदेहास्पद निकासी पर भी विशेष नजर रखेंगे। कोई भी संदेहास्पद निकासी या लेनदेन संज्ञान में आता है तो इसकी जानकारी तुरंत जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।

आयकर विभाग करेगा जांच

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 लाख से अधिक राशि की संदेहास्पद निकासी का कोई भी मामला संज्ञान में आता है तो उसके बारे में आयकर विभाग को अनिवार्य रूप से सूचना दिए जाने का प्रविधान किया गया है। सूचना प्राप्त होते ही आयकर विभाग के नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई होगी।

शत-प्रतिशत मतदान की अपील

जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है। 10 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रत्येक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान केंद्रों को सजाया संवारा जा रहा है।शत-प्रतिशत मतदान के लिए विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव को लोकतंत्र के उत्सव की संज्ञा देते हुए सभी पंजीकृत मतदाताअों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने-अपने बूथ पर जाकर मतदान करने की अपील की है।

Edited By: Anil Kushwaha