अलीगढ़ (जेएनएन)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश माहेश्वरी सभा के कमलेंद्र माहेश्वरी (मुजफ्फरनगर) लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने कांति राठी (मुजफ्फरनगर) को 56 वोटों से हराया। मंत्री पद पर सुभाष बाहेनी (बिल्सी बदायूं) चुने गए। उन्होंने तपन बिड़ला को हराया। कुल 200 मतदाताओं में से 157 ने डाले।

कमलेंद्र को मिले 106 मत

जीटी रोड स्थित विनीत जंक्शन  फंक्शन होटल में गुरुवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक विनीता बियाणी (दिल्ली) व मुख्य निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहता की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया हुई। मतपत्र से दो वोट प्रत्येक मतदाता को डालने थे। दोपहर 12 से 3:30 बजे तक वोट डाले गए। शाम चार बजे गिनती शुरू हुई। विनीता बियाणी ने परिणाम घोषित किए। अध्यक्ष के लिए कुल 156 मत पड़े। इनमें से 106 वोट कमलेंद्र के पक्ष में पड़े। एक मत कैंसिल हो गया। कांति राठी को 50 वोट मिले। एक वोट इनका भी कैंसिल हुआ। प्रदेश मंत्री के लिए कुल 157 वोट डाले गए। दो मत रद कर दिए गए। 155 वोट वैध मिले। सुभाष बाहेनी को 116 के पक्ष में वोट पड़े। तपन बिड़ला को 39 वोट पड़े। 

नौ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन

उपाध्यक्ष पद पर सुरेंद्र किशोर केला (कासगंज), विनोद राठी (सहारनपुर), संयुक्त मंत्री के लिए अजय दीवान (मथुरा), गोपाल माहेश्वरी (गाजियाबाद), मुकेश माहेश्वरी (कांठ मुरादाबाद), अर्थमंत्री के लिए नवनीत माहेश्वरी (छर्रा) व संगठन मंत्री के लिए अजय माहेश्वरी (मोदी नगर) निर्विरोध निर्वाचित हुए।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत

जिला अलीगढ़ माहेश्वरी महासभा के अध्यक्ष संजीव गोदानी, केंद्रीय चुनाव में उत्तराखंड के संयुक्त सचिव पद के दावेदार विनीत केला, पूर्व अध्यक्ष गिर्राज गोदानी के नेतृत्व में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। इस मौके पर अशोक सोमानी, विनोद माहेश्वरी, सीए संजीव शारदा आदि मौजूद थे। मेरठ के पंकज गाधी ने बताया कि नए अध्यक्ष और टीम को बधाई। उम्मीद है कि यह समाज के हित में बेहतर काम करेगी।

उपाध्यक्ष पद पर विवाद, कोर्ट जा सकता है मामला

केंद्रीय पर्यवेक्षक ने उपाध्यक्ष पद के दावेदार उमेश चंद्र माहेश्वरी (बुलंदशहर) का नामांकन मतदान से ठीक पहले रद कर दिया। उनके मुकाबले में खड़े महेंद्र डागा (आगरा) को निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व का है, हालांकि 18 नवंबर को तीनों प्रत्याशी के नामांकन सही मिले थे। तत्कालीन सचिव कांति राठी ने उमेश के नामांकन को चुनौती देते हुए कहा कि न्होंने उमेश को सभा का सदस्य न होने का दावा किया। सबूत के तौर पर एंट्री बुक भी पेश की।

चुनावी मैदान से बाहर हुए उमेश चंद्र माहेश्वरी ने कहा कि उनका पर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष के इशारे पर रद किया गया है। महासभा के संविधान में जांच में सही पाए गए नामांकन को निरस्त नहीं कर सकते। वह शुक्रवार को विधिक राय लेंगे। उपाध्यक्ष पद का चुनाव रद करने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय भी जाएंगे। उन्होंने शिकायत केंद्रीय नेतृत्व से भी की है। केंद्रीय पर्यवेक्षक ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष व बिना किसी दवाब के हुआ है।

100 करोड़ रुपया से बनेगा नया ट्रस्ट

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के उपाध्यक्ष अशोक कुमार सोमानी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम सोनी ने एबीबीएम ट्रस्ट की स्थापना की है। यह दैवीय आपदा के लिए काम करेगा। इसके अलावा 100 करोड़ रुपया का फंड एकत्रित किया है। 22 दिसंबर को होने जा रहे केंद्रीय चुनाव के बाद नए ट्रस्ट का नामकरण होगा।

दो करोड़ रुपया से बनेगा माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट अलीगढ़

जिला माहेश्वरी महासभा के अध्यक्ष संजीव गोदानी व पूर्व अध्यक्ष विनीत केला और राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल सदस्य गिर्राज गोदानी की पहल पर माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट स्थापित होगा। इसके लिए महासभा के 30 सदस्यों ने सहमति जता दी है। दो लाख रुपया ट्रस्ट सदस्यता शुल्क होगी। यह गरीब व वृद्धाश्रम स्थापित करेगा। 

Posted By: Sandeep Saxena

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