अलीगढ़, जेएनएन।  सावन के पावन महीने में भगवान शिव के जलाभिषेक को लेकर सभी भक्तों में उत्साह रहता है क्योंकि शास्त्रानुसार सावन में भगवान शिव के जलाभिषेक से समस्त रोगों से निजात मिलती है। मगर निर्धारित समय के बाद यदि जलाभिषेक किया जाता है तो उससे न केवल भक्तों को दर्शन में दिक्कत झेलनी पड़ती है बल्कि मंदिर समिति को फूलबंगला सजाने में दिक्कत भी होती है।

तय समय तक ही दी जाएगी जलाभिषेक की अनुमति

रविवार को खेरेश्वर महादेव मंदिर पर अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने कहा कि शिव भक्तों के सुझाव के अनुसार जलाभिषेक की अनुमति तय समय तक ही दी जाए। मंदिर कमेटी ने निर्णय लिया कि शाम सात बजे से पहले सभी भक्तों को भगवान शिव पर जलाभिषेक की अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके बाद जलाभिषेक की स्वीकृति नहीं होगी।

Edited By: Anil Kushwaha