अलीगढ़, जागरण संवाददाता। आगरा पुलिस की हिरासत में वाल्मीकि समाज के युवक अरुण वाल्माकि की मौत के मामले में दर्ज हत्या के मुकदमे की विवेचना को डीआइजी दीपक कुमार ने कासगंज जिले के लिए स्थानांतरित कर दिया है। डीआइजी ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

16 अक्‍टूबर को जगदीशपुरा के मालखाने से 25 रुपये चोरी हुए थे

आगरा के थाना जगदीशपुरा के मालखाने में 16 अक्तूबर की रात को 25 लाख रुपये की चोरी हुई थी। पुलिस ने सफाईकर्मी अरुण नरवार को हिरासत में लिया था, जिसकी मौत हो गई थी। मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार किसी जिले या थाने की पुलिस पर अभिरक्षा में मौत के आरोप के मामले की विवेचना उस थाने या जिले से बाहर कराई जानी चाहिए। ऐसे में एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने अलीगढ़ रेंज के किसी जिले से विवेचना कराने के आदेश दिए थे। इस संबंध में रेंज के डीआइजी दीपक कुमार को शुक्रवार देररात आदेश मिल गया था। डीआइजी ने बताया कि विवेचना कासगंज जिले को स्थानांतरित की गई है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुपालन में विवेचना कराई जाए।

कार्रवाई की गति धीमी

जगदीशपुरा थाने के मालखाने से चोरी के मामले में पकड़े गए अरुण वाल्मीकि की हिरासत में मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई कछुआ चाल से चल रही है। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी न विवेचक तय हो सका है और न ही हत्यारोपित। अभी तक अंधेरे में ही तीर चलाए जा रहे हैं।

क्या था मामला

जगदीशपुरा थाने के मालखाने से 17 अक्टूबर को 25 लाख रुपये चोरी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को लोहामंडी क्षेत्र के अरुण वाल्मीकि को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस का दावा है कि उसने घटना कुबूल ली थी। इसके बाद अरुण के घर से 15 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। बुधवार सुबह पुलिस हिरासत में अरुण की मौत हो गई। अरुण की मौत के मामले में जगदीशपुरा थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इस मामले में एक इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जा चुके हैं।

Edited By: Anil Kushwaha