अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  टी-20 क्रिकेट वल्र्ड कप में भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले से पहले जो रोमांच व उत्साह क्रिकेट प्रेमियों में हिलोरे मार रहा था, वो रात चढ़ते-चढ़ते काफूर हो चला। भारतीय टीम की हार से क्रिकेट प्रेमियों को काफी निराशा हुई। निराशा इसलिए और भी बढ़ गई क्योंकि वल्र्ड कप टूर्नामेंट के इतिहास में पाकिस्तान से ये पहली बार शिकस्त मिली। घरों में मैच देख रहे क्रिकेट प्रेमियों ने 12वें ओवर से ही टीवी बंद करने शुरू कर दिए। क्योंकि कोई भी विकेट न गिरने व लगातार तेज गति से रन बनने से अंदाजा लगाया जा चुका था कि अब भारतीय टीम की हार होनी तय है।

जल्‍द जल्‍दी गिरते विकेट से मिली निराशा

भारतीय टीम ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी की तो शुरुआती क्रम ने क्रिकेट प्रेमियों को निराश किया। जल्दी-जल्दी तीन विकेट गिरने से लोगों में निराशा छाई। मगर अंत तक 151 के सम्मानजनक स्कोर से कुछ आस भी बंधाई। मगर पाकिस्तान की पारी में बिना विकेट खोए तेजी से बन रहे रनों ने क्रिकेट प्रमियों को वो क्षण दिखा दिया जो इसके पहले कभी किसी ने न देखा था और न ही काेई भारतीय देखना चाहता था।

हार पर बादल भी रोए

भारतीय टीम की हार से क्रिकेट प्रेमियों का दिल ही नहीं रोया बल्कि आसमान से बादल भी रो पड़े। जैसे-जैसे 15वें ओवर के बाद भारतीय टीम हार की ओर बढ़ रही थी, वैसे ही तेज बारिश व ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। देररात तब बारिश थमी नहीं। मायूस क्रिकेट प्रेमी यही कहते मिले कि भारतीय टीम की हार पर बादल भी रो पड़े हैं।

बोले क्रिकेट प्रेमी एकतरफा हार की उम्मीद नहीं थी

पहली पारी से ही भारतीय टीम मैच में कहीं टिकती नहीं दिखी। टीम मजबूत है, युवा जोश व अनुभव का तालमेल भी बेहतर है। खेल में हार-जीत होती है लेकिन एकतरफा हार होगी सोचा नहीं था। वल्र्ड कप टूर्नामेंट में पहली बार ऐसा हुआ इसलिए निराशा ज्यादा हुई। जो कभी हमारे बुजुर्गों ने नहीं देखा वो आज की पीढ़ी ने होते देखा।

रोहित दीक्षित, क्रिकेट प्रेमी

हार-जीत खेल का हिस्सा है। मगर कांटे की टक्कर होती तो बुरा नहीं लगता है। वल्र्ड कप टूर्नामेंट में यही सुनते व देखते आ रहे थे कि भारत कभी पाकिस्तान से नहीं हारा। मगर इस मैच के बाद इस पर विराम लग गया। भारतीय टीम की हार से काफी निराशा हुई है। हार ने कम बल्कि आसान हार ने दिल को ज्यादा दुखी किया।

संजीव कुमार शर्मा, क्रिकेट प्रेमी

Edited By: Anil Kushwaha