अलीगढ़ (जेएनएन): सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे परिजनों को स्टाफ ने लाठी व डंडों से पीटा। आरोप है कि पुलिस के सामने ही उनके साथ मारपीट की गई। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इलाज न मिलने पर घायल ने दम तोड़ दिया। 

अस्‍पताल में नहीं किया गया इलाज

लोधा क्षेत्र के मादरखेड़ा निवासी पंकज उर्फ प्रदीप कुमार (35) नोएडा में निजी कंपनी में काम करते थे। रविवार को पत्नी राजकुमारी के साथ बाइक से गांव आ रहे थे। बुलंदशहर क्षेत्र में प्रदीप लघुशंका करने रुक गए। तभी कार ने टक्कर मार दी। हादसे में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां से हालत नाजुक देख रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें क्वार्सी स्थित निजी अस्पताल में ले गए। आरोप है कि वहां अस्पताल कर्मियों ने गंभीर हालत होने पर भी प्रदीप का इलाज शुरू नहीं किया, बल्कि दूसरे मरीजों को देखने में लगे रहे। प्रदीप के पिता पूरन सिंह का आरोप है कि विरोध पर अस्पताल कर्मियों ने अभद्रता कर दी और मारपीट करने लगे। पुलिस के सामने ही लाठी-डंडों व बेल्टों से उन्हें मारा-पीटा गया। महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इसके बाद इलाज न मिलने से प्रदीप ने कुछ ही देर में ही दम तोड़ दिया। परिजन देर रात निजी अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ क्वार्सी थाने में तहरीर देने की तैयारी में जुटे थे। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। लेकिन, जल्‍द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Sandeep Saxena

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