यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IGNOU: गृह विज्ञान में पहला PG कोर्स जो दिलाएगा रोजगार... कैसे होगा एडमिशन और क्या है पढ़ाई? देखिए डिटेल
‘एमएससी इन कम्युनिटी डेवलपमेंट एंड एक्सटेंशन मैनेजमेंट’ है कोर्स का नाम। दो वर्षीय कोर्स की ओपन डिस्टेंस लर्निंग मोड में ...और पढ़ें

प्रस्तुतीकरण के लिए सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। ओपन डिस्टेंस लर्निंग मोड में गृह विज्ञान के स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने की सोच रहे छात्र-छात्राओं व अन्य कामकाजी युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने गृह विज्ञान में अपना प्रथम स्नातकोत्तकर कोर्स लांच कर दिया है। इस कोर्स का नाम है-‘एमएससी इन कम्युनिटी डेवलपमेंट एंड एक्सटेंशन मैनेजमेंट’। कोर्स अंग्रेजी माध्यम में होगा, जिसमें गृह विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, बिहेवियरल साइंस, कम्युनिटी साइंस व अन्य विषय से स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी प्रवेश ले सकेंगे।
इस कोर्स की फीस सात हजार रुपये प्रति वर्ष होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन व डेवलपमेंट फीस भी शामिल है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए बेहतर होगा, जो कम्युनिटी वर्क, सामाजिक विकास, स्किलिंग या ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। इच्छुक उम्मीदवार इग्नू के सभी ओपन डिस्टेंस लर्निंग कोर्स के लिए 15 जुलाई तक आधिकारिक वेबसाइट में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐसे तमाम छात्र-छात्राएं जो स्नातक के बाद गृह विज्ञान में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्नातकोत्तर डिग्री लेना चाहते हैं, उनके लिए अभी तक इग्नू में ऐसा कोर्स नहीं था।
कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा
अच्छे करियर की चाह होने के बावजूद वह आगे नहीं पढ़ पा रहे थे। उनके लिए इग्नू ने ‘एमएससी इन कम्युनिटी डेवलपमेंट एंड एक्सटेंशन मैनेजमेंट’ के रूप में समग्र कोर्स शुरू किया है, जो विद्यार्थियों को कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।
ये होगा पाठ्यक्रम
प्रथम वर्ष विद्यार्थियों को डेवलपमेंट और एक्सटेंशन की बेसिक समझ, कम्युनिटी आर्गनाइजेशन और डेवलपमेंट, मीडिया और कम्युनिकेशन, आईसीटी टूल्स, फील्ड प्रोजेक्ट जेंडर और ग्रामीण विकास में एक ऐच्छिक विषय पढ़ाया जाएगा। दूसरे वर्ष में उभरते सामाजिक मुद्दे, ट्रेनिंग और डेवलपमेंट, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सोशल बिहेवियर, रिसर्च मेथडोलाजी, एक रिसर्च प्रोजेक्ट और सीएसआर या ग्रामीण मुद्दों से जुड़ा एक ऐच्छिक विषय शामिल होगा।
हासिल करने होंगे 80 क्रेडिट, 2400 घंटे की पढ़ाई
दो वर्षीय कोर्स में विद्यार्थियों को कुल 80 क्रेडिट हासिल करने होंगे। क्रेडिट सिस्टम के अनुसार, हर एक क्रेडिट के लिए औसतन 30 घंटे की पढ़ाई जरूरी है। इसमें क्लास वर्क, असचनमेंट, सेल्फ स्टडी, प्रोजेक्ट वर्क और परीक्षा की तैयारी शामिल है। 80 क्रेडिट के लिए करीब 2400 घंटे पढ़ाई करनी होगी। यानी प्रत्येक वर्ष 12 सौ घंटे और हर माह लगभग 100 घंटे पढ़ाई जरूरी होगी
यहां करें संपर्क
इग्नू के सभी कोर्सेज में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए। किसी भी पाठ्यक्रम या अन्य जानकारी के लिए इग्नू के श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
इस कोर्स को पूर्ण करने के बाद विद्यार्थी सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में प्रोग्राम-प्रोजेक्ट आफिसर, एनजीओ, सीएसआर, सोशल इंटरप्राइजेज में विशेषज्ञ, स्कूलों में पीजीटी शिक्षक, स्किल डेवलपमेंट से जुड़े अधिकारी, रिसर्चर व अकादमिक संस्थानों में शिक्षक बन सकते हैं। आवेदन शुरू कर दिए गए हैं।
डॉक्टर अजयवर्धन आचार्य, क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू
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