जासं, अलीगढ़: मौसम के मिजाज में बदलाव से इन दिनों बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार, दस्त समेत वैक्टीरिया व वायरस जनित बीमारियां हो रही हैं। मच्छरों के प्रकोप से डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी पनप रही हैं। ज्यादातर लोग घर में रखी दवा व खांसी के सीरप से बच्चों का इलाज करने में लगे हैं। कुछ मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खिला रहे हैं, जबकि कई दर्द निवारक, स्टेरायड व अन्य दवा बच्चों को नुकसान पहुंचाती हैं। बुखार में क्रोसीन के सीरप के अलावा कोई अन्य दवा न दें। यह सलाह शहर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ व आवास विकास कालोनी, मसूदाबाद स्थित मक्खनलाल हास्पिटल के संचालक डा. सुनील गुप्ता ने दी है। वह बुधवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय 'हेलो डाक्टर' कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब देने आए थे।

मेरे ढाई माह के बेटे को चार दिन से बुखार व खांसी है, बहुत चिता हो रही है।

- कोमल, नौरंगाबाद।

चिता मत करिए। उसे वायरल फीवर हुआ है। सादा पानी का भपारा दें। यदि एक-दो दिन में बुखार न उतरे और खांसी भी बनी रहे तो बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

मेरे बेटे को कई माह पूर्व दस्त हुए और मल के साथ ब्लड आना शुरू हो गया। दस्त तो ठीक हो गए, मगर ब्लड अब भी आता है।

- कृष्ण कुमार, अलीगढ़।

मल के साथ ब्लड आना गंभीर समस्या है। उसकी आंतों में जख्म या अन्य कोई समस्या हो सकती है। खून व अन्य जांच करानी होंगी। हो सकता है एंटीबायोटिक शुरू करनी पड़ें।

मेरी तीन साल की बेटी को 15 दिन से सर्दी व रात में खांसी होती है।

- सिद्धार्थ, रामबाग कालोनी।

- चार-पांच दिन तक बुखार या खांसी हो तो सामान्य वायरल फीवर है, लेकिन 15 दिन हो गए हैं तो इसे और हल्के में न लें। खून की जांच व छाती का एक्स-रे कराएं। बच्ची को भाप दें। बच्चों के डाक्टर को तुरंत दिखाएं।

मेरा 18 माह का नाती बार-बार बीमार हो जाता है। ठीक से दूध भी नहीं पीता।

- वामदेव गौड़, इगलास।

अब उसे केवल मां के दूध पर ही निर्भर न रखें। अरहर व मूंग की दाल, खिचड़ी, दलिया व फल खिलाना शुरू करें। ऊपर के दूध में पानी न डालें। कटोरी चम्मच से दूध पिलाएं। कचरी, पापड़, चिप्स जैसी चीजें खाने को न दें।

मेरे 10 माह के बेटे को हल्का बुखार व सर्दी ज्यादा है। काफी परेशान है।

- ललतेश, स्वर्ण जयंती नगर।

यह मौसम फ्लू का है। दो से तीन दिन आधा-आधा चम्मच क्रोसीन का सीरप पिलाएं। पानी की भाप दें। फिर भी सर्दी बढ़े और सांस लेने में तकलीफ लगे तो निमोनिया हो सकता है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ को दिखाएं।

मेरी बेटी दो माह की है। दो-दो दिन तक शौच नहीं आती। रोती रहती है। क्या उसे कब्ज या दर्द है।

- राखी, जयगंज।

बच्ची केवल दूध पीती है, ऐसे में सामान्य है कि दो-तीन दिन शौच न आए। बच्चे दिन में जागते हैं और रात में रोते ही हैं। इसलिए परेशान न हों। दूध पिलाने के बाद उसे थपकी जरूर दें, ताकि ठीक से पच जाए। ज्यादा कोई परेशानी दिखे तो डाक्टर को दिखाएं।

ऐसे रखें बच्चों का ध्यान

- बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।

- कपड़े ज्यादा महीन या हल्के न लें।

- हल्का बुखार होते ही पैरासिटामोल दें।

- विटामिन सी वाले फल खिलाएं।

- कोल्ड ड्रिक, आइसक्रीम या खट्टी चीजें न दें।

- खांसी होने पर गर्म पानी का सेवन कराएं।

- दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का घोल पिलाएं।

- घर में कोई मरीज हो तो बच्चों से दूर रखें। इन्होंने भी लिया परामर्श सराय हकीम से भावना, नगला मसानी से नीलम वाष्र्णेय, मसूदाबाद से एकता, छर्रा से प्रभुदयाल सिंह, बरौली से केपी सिंह, जलाली से निरंजन सिंह, ज्ञान सरोवर से शालिनी, रजनी, रामबाग से अंकिता शर्मा, प्रतिभा कालोनी से गरिमा, खैर से राजकुमार आदि हैं।

Edited By: Jagran