अलीगढ़ (जेएनएन)।  रेलवे स्टेशन पर बने बाइक पार्किंग स्टैंड पर मंगलवार स्कूटी खड़ी करने को लेकर टीटीई व महिला पुलिस कर्मी में विवाद हो गया। इस बीच पहुंचे जीआरपी कर्मी टीटीई को पकड़कर थाने ले आए और उसके खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई कर डाली। उधर साथी कर्मचारी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर रेलवे कर्मचारी स्टेशन पर आ गए और नारेबाजी करते हुए जीआरपी थाने का घेराव कर लिया। कर्मचारियों ने दोषी जीआरपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व टीटीई को छोडऩे की मांग को लेकर जमकर हंगामा काटा। राजधानी एक्सप्रेस रोकने का प्रयास किया गया। गुस्साए टीटीई व टीसी ने मिलकर कालका मेल में एसी कोच में सफर कर रहे तीन पुलिस कर्मियों को बिना टिकट पकड़ लिया और उनसे जुर्माना वसूला तब कहीं जाकर छोड़ा।

बाइक स्टैंड पर हुआ विवाद
 सेंटर प्वाइंट तिराहे की साइड में आरएमएस डाकघर के पास रेलवे का बाइक स्टैंड है। अप्रैल में स्टैंड ठेकेदार अनुबंध पूरा होने के बाद छोड़कर चला गया। अफसरों ने वैकल्पिक व्यवस्था में एक मई से स्टैंड संचालन का जिम्मा टीटीई विश्राम कुमार को सौंप रखा है।  मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे वह पॉइंट्समैन अरविंद के साथ स्टैंड पर मौजूद थे। टीटीई विश्राम कुमार का आरोप है कि तभी स्कूटी सवार एक महिला पुलिस कर्मी सादा कपड़ों में आ पहुंची। खुद को पुलिस कर्मी बताकर पुलिसिया रौब दिखाना शुरू कर दिया तथा अभद्रता से पेश आते हुए स्कूटी को स्टैंड में खड़ा करने को कहा। विरोध पर महिला पुलिस कर्मी ने फोन कर जीआरपी कर्मियों को बुला लिया।

टीटीई को शांतिभंग में किया गिरफ्तार
 आरोप है कि पुलिस कर्मी अपना परिचय देने के बाद भी टीटीई विश्राम कुमार को पकड़कर थाने ले गए। चंद मिनटों में ही शांतिभंग में कार्रवाई करते हुए उन्हें हवालात में बिठा दिया।

स्टेशन पर नारेबाजी, हंगामा
पुलिस के टीटीई को पकड़ लेने की खबर पर नार्थ सेंट्रल इंप्लाइज शाखा के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार शुक्ला, भरत सिंह तोमर, एदल सिंह, डीके गौतम, मुकेश शर्मा आदि समेत तमाम टीटीई, टीसी के अलावा रेलवे परामर्श समिति के सदस्य संजय पंडित आदि सैंकड़ों कर्मचारी आ गए। उन्होंने जीआरपी थाने को घेर लिया और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। कर्मचारी साथी टीटीई को छोडऩे व अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे।

राजधानी एक्सप्रेस रोकने का प्रयास
 गुस्साए कर्मचारियों ने वहां से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को रोक कर चक्का जाम करने की भी कोशिश की। तभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के हस्तक्षेप पर अपने निर्णय को बदल लिया।

निजी मुचलके पर छोड़ा
हंगामे को देखते हुए जीआरपी कर्मी तत्काल ही टीटीई को लेकर रेलवे मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के समक्ष पहुंचे। उन्होंने टीटीई को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।

बिना टिकट पुलिस कर्मियों का काटा चालान
जीआरपी की कार्रवाई से गुस्साए रेलवे टिकट निरीक्षकों ने दिल्ली से पहुंची कालका एक्सप्रेस में बिना टिकट पुलिस कर्मियों के खिलाफ चेकिंग शुरू कर दी। एसी कोच में उन्होंने तीन पुलिसकर्मियों को बिना टिकट पकड़ लिया। चालान व जुर्माने के बाद छोड़ा गया।

अफसरों से शिकायत
रेलवे यूनियन के शाखा महामंत्री सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि टीटीई के परिचय देने के बाद भी पुलिस कर्मी बिना किसी रेलवे अफसर को सूचना दिए और बताए ही थाने ले गए थे। फिर उससे अपराधी की तरह से पेश आए और हवालात में डाल दिया। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण से डीआरएम, एडीआरएम, आईजी व एसपी रेलवे से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जीआरपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि टीटीई के सिविल ड्रेस में होने पर उसे ठेकेदार मानते हुए शांतिभंग में कार्रवाई की गई। फिर उसे जमानत पर रिहा करा दिया।

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