अलीगढ़ (जेएनएन)। एक के बाद एक बंद मकानों को निशाना बनाकर नकदी, जेवर व घरेलू सामान चोरी करने वाले गिरोह के चार लोगों को क्वार्सी पुलिस ने एसओजी व सर्विलांस की मदद से दबोच लिया। पांच घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए 30 हजार की नकदी, पांच लाख के जेवरात व चोरी का अन्य सामान बरामद किया गया है।

एसओजी टीम को मिली सफलता

एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि दीपावली पर बंद मकानों के ताले तोड़कर लगातार चोरियां हुई थीं। इसके लिए पुलिस के साथ एसओजी व सर्विलांस की टीम को जांच के लिए लगाया गया। बुधवार शाम पौने सात बजे क्वार्सी इंस्पेक्टर विनोद कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान बबलू पठान पुत्र ईनाम खान निवासी शाहजमाल बरी के नीचे, इशाक उर्फ ढ़ोंगी पुत्र यूनुस उर्फ भोला निवासी रामगढ़ पंजीपुर किले के पीछे नाले पर, आशू पुत्र इस्माइल खां निवासी बरौली इंटर कॉलेज के सामने, लड्डन उर्फ अख्तर पुत्र लल्लन खां निवासी करेली थाना डिबाई (बुलंदशहर) को दबोच लिया। चारों शातिरों ने पांच लूट की घटनाएं कबूलीं हैं।

इन घटनाओं ने उड़ाए थे पुलिस के होश

26 सितंबर को मुजसिम खान के घर इस्लाम नगर नगला पटवारी से जेवरात चोरी हुए थे। 15 अक्टूबर की रात को सुधा अग्रवाल निवासी महावीर पार्क के घर में नकदी समेत ज्वेलरी की चोरी हुई थी। 25 अक्टूबर को प्रयाग सरोवर स्थित आलोक गुप्ता के घर से जेवरात व नकदी चोरी हुई थी। 29 अक्टूबर को मानसरोवर कालोनी में विवेक गुप्ता के घर में भी कैश व जेवरात चोरी हुए। फिर सात नवंबर को योगेश कुमार सिंह के जनकपुरी पानी की टंकी स्थित मनी लाइफ बैकिंग होम लोन इंश्योरेंस कार्यालय में चोरी हुई थी।

लहंगा, साड़ी समेत चोरी का ये सामान हुआ बरामद

30 हजार की नकदी, तीन सोने की चेन, नौ अंगूठी, दो कड़े, दो हार, एक मंगलसूत्र, एक मटर माला चांदी की, एक जोड़ी झुमके चांदी के, एक कलाई, चार कड़े, एक टीका, चार अंगूठी, चार जोड़ी पायल, दो जोड़ी हथफूल, एक चेन चांदी की, एक सीपीयू, दो मॉनिटर, एक यूपीएस, दो स्पीकर, एक एलईडी, दो लैपटॉप, एक नैट सेटर, एक सीसीटीवी कैमरा, पांच साड़ी, एक लहंगा, एक तकिया कवर, एक ट्रॉली बैग, छह साड़ी पिन, दो नेल पालिश, दो तमंचा 315 बोर, चार कारतूस, दो अदद चाकू भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा बुलंदशहर के थाना डिबाई से चुराई गई बाइक, मोबाइल तमंचा व ताले तोडऩे के उपकरण भी बरामद किए हैं।

टीम में ये रहे शामिल

एसओजी प्रभारी छोटेलाल, प्रभारी सर्विलांस अभय कुमार शर्मा, एसएसआइ राजीव कुमार, उप निरीक्षक राकेश कुमार, लख्मी सिंह, अतुल कुमार, कांस्टेबल राजेश मावी, श्रीकांत व मंदीप।

सब्जी की फेरी लगाकर गलियों में देखता था बंद मकान

गिरोह के मास्टरमाइंड बबलू पर पहले भी चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। बबलू सब्जी की फेरी लगाकर गलियों में बंद मकान देखता था। वहीं आशू बबलू का रिश्तेदार है, जिस पर आठ मुकदमे दर्ज हैं। आशू गलियों में जाकर शू पॉलिश करता हैं। आशू की नजर भी बंद मकानों पर रहती थी। जिन मकानों पर ताला लगा होता था, वहां रेकी की जाती थी। इसके बाद चारों घटनाओं को अंजाम देते थे। ईशाक और लडड्न पर भी आठ-आठ मुकदमे दर्ज हैं। लड्डन पर हत्या, जानलेवा के मुकदमे भी शामिल हैं।

Posted By: Sandeep Saxena

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