विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ.जसीम बोले, एएमयू में हो रहे तालिबान से जैसे हालात

By JagranEdited By:
Published: Wed, 11 Jul 2018 09:45 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 11 Jul 2018 10:08 AM (GMT+05:30)

अभद्रता करने के आरोपित पूर्व छात्रसंघ के उपाध्यक्ष नदीम अंसारी को दिया नोटिस।

पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ.जसीम बोले, एएमयू में हो रहे तालिबान से जैसे हालात
पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ.जसीम बोले, एएमयू में हो रहे तालिबान से जैसे हालात

अलीगढ़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफदारी करने पर एएमयू के जनसंपर्क विभाग से पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ. जसीम मोहम्मद को भगाने वाले छात्र नेता नदीम अंसारी को इंतजामिया ने कारण बताओ नोटिस दिया है। 48 घंटे में जवाब मांगा है। छात्र नेता ने कहा है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसका जवाब दें। डॉ. जसीम ने छात्र नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कुलपति को पत्र लिखा है। पूरी घटना के लिए पीआरओ को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा है कि वर्तमान में एएमयू में तालिबान जैसे हालात हो रहे हैं।

बताते चलें कि डॉ. जसीम मोहम्मद सोमवार को मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई से मिलने कार्यालय गए थे, तभी नदीम अंसारी व अन्य युवकों ने अभद्रता करते हुए बाहर निकाल दिया था। डॉ. जसीम ने कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से की लिखित शिकायत में कहा है कि लग रहा था कि आरोपित शस्त्र लेकर किसी की हत्या करने आए थे। प्रधानमंत्री को गाली दे रहे थे। आरोप लगाया कि इस प्रकरण में एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा साजिशकर्ता हैं। लड़कों को पीआरओ ऑफिस में आने की सूचना टेलीफोन से दी। मीडिया की आजादी पर यह एक तरीके से आतंकी अटैक था। अब एएमयू में तालिबानी की तरह वातावरण बनाया जा रहा है। नदीम को निलंबित कर उसके कैंपस में घुसने पर रोक लगाई जाए।

मोदी देश के नायक : जसीम ने कहा है कि एएमयू उनकी कर्मस्थली रहा है। वह एएमयू के विरुद्ध नहीं सोच सकते। मोदी देश के नायक हैं और हमेशा रहेंगे। वे उनका हमेशा सम्मान करेंगे। आरएसएस देश के सामाजिक, सास्कृतिक और राष्ट्रवादी चेतना का स्कूल है। भाजपा उस चेतना का फूल है। विरोध करने वालों ने उनसे ज्यादा सर सैयद को नहीं पढ़ा है। नदीम को दिया है 48 घंटे का समय : एएमयू जनसंपर्क विभाग के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेकर नदीम अंसारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। 48 घंटे में जवाब मांगा है। एएमयू के जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा का कहना है कि आरोप लगाना गलत है। मैंने बीच बचाव किया था। छात्रनेता मुझ पर भी गरम हुआ था। मैंने किसी को फोन करके नहीं बुलाया।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नदीम अंसारी ने बताया कि मुझे किस आधार पर नोटिस दिया गया है। जवाब नहीं दूंगा। बीजेपी, आरएसएस का पक्ष लेने वाले व एएमयू को बदनाम करने वालों का विरोध होगा।