अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कोरोना से बचाव व सतर्कता के मद्देजर स्वास्थ्य विभाग ने फिर से फोकस सैंपङ्क्षलग शुरू कर दी है। इसमें एयरपोर्ट, मध्य रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों पर आने वाले यात्रियों समेत 75 प्रतिशत व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में भी सैंपङ्क्षलग शुरू की जाएगी। शुक्रवार को 2935 लोगों की सैंपङ्क्षलग हुई। इसमें 1432 लोगों की एंटीजन किट से जांच हुई। 1503 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए लिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आनंद उपाध्याय ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन इसका खतरा समाप्त नहीं हुआ है। नए स्ट्रेन की आशंका को देखते हुए फोकस सैंपङ्क्षलग शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिकल कालेज, फार्मेसी कालेज, इंजीनियङ्क्षरग कालेज सहित अन्य कालेजों व शैक्षणिक संस्थानों में सैंपल लेने जाएगी। अब एक भी पाजिटिव केस नहीं है। उन्होंने कहा, रैंडम सैंपङ्क्षलग के साथ ही फोकस सैंपङ्क्षलग कर मरीजों का पता लगाया जाएगा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगहों पर लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

सात दिन क्वारंटाइन रहें यात्री

सीएमओ ने बताया कि बाहर से आ रहे यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। फिर भी ऐसे यात्रियों से अपील है कि वे सात दिन होम क्वारंटाइन रहें। इससे स्वयं का ही बचाव नहीं होगा, बल्कि परिवार की कोरोना वायरस से सुरक्षा होगी। लोगों को सात दिन तक क्वारंटाइन में रहना होगा।

संक्रमण का खतरा टला नहीं, बरत रहे हैं लापरवाही

संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं। मगर, बाजारों में लोग बेखौफ घूम रहे हैं। अब तो अधिकांश लोग बिना मास्क लगाए हुए दिख जाएंगे। कोविड प्रोटोकाल की सख्ती अब नहीं दिख रही है। गुरुवार को एक केस कोरोना पाजिटिव मिला है। वहीं, देश में ओमिक्रोन वैरिएंट के दो केस मिले हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई उपाय लोग नहीं कर रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने विदेश से लौटे 35 लोगों के नमूने लिए गए हैं। कोरोना संकट से जूझने के बाद ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर दुनियाभर के लोग सकते में हैं। मगर संक्रमण को लेकर अधिकांश जिम्मेदार लोग भी लापरवाह बने हुए हैं। साप्ताहिक बंदी के बाद बुधवार को जब रेलवे रोड, मामूभांजा, सराफा बाजार, बड़ा बाजार, मदारगेट, महावीरगंज, छिपैटी, सरलगंज, खैर रोड सहित अन्य पुराने शहर के बाजारों में बेशुमार भीड़ थी। सड़कों पर दो गज दूरी का पालन था ना शोरूम के काउंटरों पर सतर्कता दिख रही थी। ग्राहक झुंड बनाकर खरीदारी कर रहे थे। संक्रमण से बचाव को मास्क भी नहीं लगाए हुए थे। बैंकों के काउंटरों पर भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए थे। यहां गार्डों की लापरवाही दिख रही थी।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena