अलीगढ़, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ द्वारा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ छेड़ी गई जंग को अमलीजामा पहनाने के लिए अलीगढ़ के कमिश्‍नर ने छह माह पहले ही शुरूआत कर दी थी। करप्‍शन के खिलाफ शुरू किया गया सीएनटीसी सैल तेज गति के साथ काम कर रहा है। जीरो टालरेंस की नीति को सफल बनाने के लिए मंडलायुक्त की ओर से शुरू किए सीएनटीसी सेल की मुहिम अब रंग ला रही हैं। सरकारी कार्यालयों में इस सेल का डर बढ़ने लगा हैं। कर्मचारी जबरन वसूली करने से कतराने लगे हैं। कई कार्यालयों में तो इन दिनों इसी की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, कुछ विभागों ने अब भी लाभार्थी परक योजनाओं की सूची इस सेल को नहीं दी है। मंडलायुक्त की ओर से विभाग के मुखिया को इसके लिए रिमाइंडर भी भेजा गया है।

ऐसे हो रही भ्रष्‍टाचार पर निगरानी

प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति से काम कर रही है। सीएम योगी आदियत्नाथ के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए मंडलायुक्त गौरव दयाल ने पिछले दिनों भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने के लिए सीएनटीसी (से नो टू करप्शन) नाम के एक गोपनीय सेल का गठन् किया था। तीन जून को इसकी शुरुआत हुई थी। यह सेल अलीगढ़, हाथरस, एटा व कासगंज के सभी सरकारी विभागों व सरकारी योजनाओं पर नजर रखती है। सेल द्वारा अब तक मंडल के चारों जिलों में आठ मामले पकड़े जा चुके हैं। इनमें अलीगढ़ व एटा के तीन-तीन व हाथस-कासगंज का एक-एक मामला शामिल है। अब इन सभी मामलों में आरोपित कर्मचारी व अफसरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। इनमें तीन लोगो की सेवा समाप्त हो गई है। वहीं, एक बाबू का निलंबन कर दिया है। अन्य तीन के खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित है।

सीएम का है ड्रीम प्रोजेक्‍ट

कमिश्‍नर गौरव दयाल का कहना है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति से काम कर रही है। सीएम योगी आदियत्नाथ के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए मंडलायुक्त गौरव दयाल ने पिछले दिनों भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने के लिए सीएनटीसी (से नो टू करप्शन) नाम के एक गोपनीय सेल का गठन् किया था।