जेएनएन, हाथरस : हाथरस जंक्शन के गांव लाड़पुर में रेडीमेड कपड़े की दुकान से नकली नोट पकड़े जाने से खलबली मच गई। दुकान से 8 लाख 70 हजार के पांच सौ, दो हजार व सौ के नकली नोट बरामद किए गए। प्रारंभिक छानबीन में जो तथ्य सामने आए हैैं, उससे मामला षड्यंत्र का लग रहा है। देर रात तक पुलिस की छानबीन जारी थी। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि मामला षड्यंत्र के का लग रहा है। दुकानदार अभी हिरासत में है। नकली नोट की प्रिङ्क्षटग तो खराब है ही कङ्क्षटग भी घटिया है। इस तरह कोई काउंटर पर डिब्बा नहीं रखेगा। सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए छानबीन की जा रही है। यदि किसी ने षड्यंत्र के तहत सूचना दी है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।  

कपड़ों के नीचे मिला डिब्‍बा

अलीगढ़ रोड स्थित गांव दयानतपुर के रहने वाले राजवीर ने 20 दिन पहले ही गांव लाड़पुर में रेडीमेड कपड़े की दुकान खोली है। रविवार की दोपहर राजवीर दुकान पर ग्राहकों को कपड़े दिखा रहे थे, तभी पुलिस पहुंच गई। दुकान पर छानबीन की तो काउंटर पर ही कपड़ों के नीचे एक डिब्बा मिला। डिब्बा खोला तो उसमें पांच सौ व दो हजार के नकली नोट थे। पुलिस ने मौके पर पूछताछ की तो दुकानदार ने डिब्बे को लेकर अनभिज्ञता जताई। नकली नोट मिलने की खबर आग की तरह फैली। पुलिस को देख काफी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस दुकानदार को लेकर कोतवाली हाथरस जंक्शन पहुंची। यहां उसके परिवार के लोग भी पहुंच गए। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा व सीओ राजीव कुमार भी कोतवाली जंक्शन पहुंच गए। दुकानदार से पूछताछ की तो उसने डिब्बे की जानकारी से ही इन्कार किया। अधिकारियों ने नोट चेक किए। सभी नोट एक ही नंबर के थे। सामान्य कागज पर ङ्क्षप्रट किए गए थे तथा प्रिंङ्क्षटग की गुणवत्ता भी बेहद खराब थी। नोटों को गड्डी बनाने के लिए बेतरतीब काटा गया था। कोई भी व्यक्ति हाथ में पकडऩे से पहले भांप सकता है कि नोट नकली है। कुल 8.70 लाख के नोट थे। इनमें सौ के दस नोट थे। वे भी एक ही सीरियल नंबर के थे। प्रिङ्क्षटग व बेतरतीब कङ्क्षटग से अंदाजा हो गया कि ये नोट नकली करेंसी बाजार में उतारने वाले गिरोह से संबंधित नहीं हैं। युवक से कई घंटे पूछताछ की गई, लेकिन वह बिना डरे सारे सवालों के जवाब देता रहा। 

किया जा रहा ष्‍डयंत्र

दुकानदार ने बताया कि तीन युवक कपड़े देखने आए थे। तब तक काउंटर पर कोई डिब्बा नहीं था। उसने कपड़े दिखाए, लेकिन उन्होंने कपड़े लिए नहीं। उनके जाते ही पुलिस आ गई।   वास्तविक हालात व तथ्य सामने आए तो मामला षड्यंत्र के तहत फंसाने का लग रहा था। पुलिस अब सूचना देने वाले की तलाश में जुटी है। केवल पुलिस को ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों को भी नकली नोटों के बारे में बताया गया था। पुलिस के दुकान पर पहुंचने से पहले नकली नोटों की खबर क्षेत्र में फैल गई थी। जंक्शन पुलिस के अलावा सीओ सिकंदराराऊ व खुफिया एजेंसी मामले की छानबीन में जुटी हैं। 

Posted By: Sandeep Saxena

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