अलीगढ़ (जेएनएन)। आधुनिकता की दौड़ में शामिल अलीगढ़ में अब कूड़े से बिजली का उत्पादन होगा। हालांकि, ये योजना बीते साल ही बन चुकी थी, लेकिन क्रियांवयन अब हो रहा है। मथुरा रोड स्थित एटूजेड प्लांट के निकट स्वीडन की कंपनी के 'वेस्ट टू एनर्जी प्लांट' का उद्घाटन मेयर मोहम्मद फुरकान, नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल व कंपनी के प्रतिनिधियों ने भूमि पूजन करके किया। प्रथम चरण में 200 मीट्रिक टन कूड़े से बिजली बनाई जाएगी। योजना सफल रही तो क्षमता बढ़ा दी जाएगी।

13 माह में तैयार होगा प्लांट

नगर निगम ने स्वीडन देश की कंपनी इकराटोस रीसाइकिलिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को 7.50 एकड़ जमीन 29 साल के लिए एक रुपये प्रति वर्ष किराए पर उपलब्ध कराई है। बिजली उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन खरीदेगा। इससे नगर निगम को यह फायदा होगा कि कूड़े-कचरे का निस्तारण हो सकेगा। अलीगढ़ ड्रेन और सीवर लाइन में बहने वाला वेस्ट भी नहीं दिखेगा। पूर्व में योजना 850 मीट्रिक टन कचरे से आठ मेगावाट बिजली बनाने की थी। जो आठ लाख यूनिट होती है। शहर में प्रतिदिन करीब 20 लाख यूनिट बिजली की खपत है।

250 मीट्रिक टन कूड़ा

शहर में प्रतिदिन 250 मीट्रिक टन कूड़ा उठता है। इसके निस्तारण के लिए एटूजेड कंपनी का प्लांट है। इसकी क्षमता 220 मीट्रिक टन रोज है। करीब 50 हजार टन कूड़ा एटूजेड परिसर में पड़ा है। प्लांट में जैविक खाद व ब्रिक्स बनाई जाती हैं। सीवरेज व सेप्टिक वेस्ट का कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। अलीगढ़ ड्रेन के जरिये इसे बहा दिया जाता है।

ये हैं खास बातें

- 13 माह में मथुरा रोड पर 7.50 एकड़ में प्लांट लगाने पर शुरू होगा काम।

- स्वीडन की इकराटोस रीसाइकिलिंग टेक्नोलॉजीज कंपनी से करार।

- 29 साल के लिए एक रुपये प्रति वर्ष किराए पर कंपनी को दी जमीन।

- अगले साल के अंत तक बिजली का उत्पादन होने की संभावना।

- 250 टन कूड़ा हर रोज शहर की सड़कों पर बनता है मुसीबत।

13 माह में प्लांट होगा तैयार

सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह ने बताया कि कूड़े से स्वीडन की कंपनी बिजली बनाएगी। इसके लिए कंपनी से करार हुआ है। 13 माह में प्लांट तैयार हो जाएगा। कंपनी को 7.50 एकड़ जमीन दी गई है।

Posted By: Sandeep Saxena

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