अलीगढ़, जागरण संवाददाता।  शुगर और हाई ब्लड प्रेशर, शहर और शहरियों की बीमारी मानी जाती है। इसका कारण शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, खानपान की बदलती आदतें और दैनिक जीवन में बढ़ते तनाव को माना जाता है। एक समय था जब डाक्टर ऐसे मरीजों को गांवों के लोगों की दिनचर्या व खानपान से सीख लेने के लिए प्रेरित करते थे। लेकिन, अब शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर संबंधी बीमारियां अब गांवों में पहुंच बना रही हैं। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्यों मेलों में ऐसे आंकड़े सामने आए, जो विशेषज्ञों की चिंता को बढ़ा रहे हैं।

1880 मरीजों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया गया

जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों की छुपी हुई बीमारियों के बारे में पता करे उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इन मेलों में 1880 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 52 केंद्रों पर 807 पुरुष, 793 महिलाएं और 280 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इनमें बुखार के 171, आंखों के 49, त्वचा रोग के 421, एनीमिया के 34, लीवर के 10, सांस के 182, संभावित टीबी के चार, प्रसव पूर्व जांच के 105 तथा अन्य रोगों के 695 रोगी पाए गए हैं। हैरानी तब हुई डायबिटीज के 70 व हाई ब्लड प्रेशर के 38 मरीज पाए गए। सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में ऐसे मरीज लगातार सामने आ रहे हैं।

इनका कहना है

बढ़ते शहरीकरण व मशीनीकरण ने गांव के जीवन को काफी प्रभावित किया है। युवाअों का रूझान खेतीबाड़ी से हटा है, जिसकी वजह जोत छोटी होना भी है। हर किसी के समक्ष रोजी-रोटी का संकट है। काफी संख्या ग्रामीण शहर में नौकरी-मजदूरी कर रहे हैं। इससे गांव का खानपान व रहन-सहन तेजी से बदल रहा है। जीवन में तनाव भी बढ़ा है। ऐसे तमाम कारण है, जिनसे शहरियों को होने वाली तमाम बीमारियों अब ग्रामीणों में दिखाई देने लगी है। गांव में शुगर व हाई ब्लड प्रेशर के मरीज मिलते थे, लेकिन इतने नहीं।

- डा. आनंद उपाध्याय, सीएमओ

Edited By: Anil Kushwaha