अलीगढ़, जागरण संवाददाता। Shoppers' Grievances : चंडौस में नुमाइश लगने की सूचना पर अपनी दुकानों को लेकर नुमाइश स्थल पर पहुंचे दूरदराज के दुकानदार नुमाइश न लगने से अब वापस जाने के लिए भाड़े तक के रुपयों के लिए परेशान हैं। बीते करीब 15 दिनों से अपनी बन्द दुकानों को खुलने के इंतजार में बिना काम के बैठे यह लोग इतने व्यथित हैं कि अपनी बातें बताते हुए आंखें भर लाते हैं।

रोजी रोटी के लिए दूर दूर से आते हैं लोग :  कस्बे के Gandhi Inter College मैदान में एक अगस्त से Amrit Festival के तहत करीब एक माह तक मेले का आयोजन होना था। जिसके लिए प्रशासन ने अनुमति भी दे दी थी। करीब 15 दिन पहले से ही रोजी रोटी कमाने के उद्देश्य से दूर-दूर के दुकानदारों ने निजी व भाड़े की गाड़ियों से अपना सामान लाकर दुकाने जमाना शुरू कर दिया था। बिहार, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद आदि अनेक शहरों से आये दुकानदारों ने नुमाइश में तमाम झूले, गेम, टेंट छोटी-बड़ी दुकाने लगा दीं।

शौकीन लोग कर रहे थे इंतजार : नुमाइश के शौकीनो को भी इसके शुरू होने का इंतजार था, लेकिन क्षेत्र के कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था और कॉलेज में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान का हवाला देते हुए नुमाइश लगाने का विरोध कर रहे थे। अलीगढ़ डीएम से भी इसके आयोजन को रुकवाने को लेकर शिकायत की गई थी।

एसडीएम गभाना व सीओ गभाना ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्रीय लोगों को समझा- बुझाकर नुमाइश लगाने की बात कही थी। लेकिन शांति व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए शुरू होने के दो दिन पूर्व ही प्रशासन ने मेले की अनुमति को रद्द कर दिया। जिससे हजारों का भाड़ा देकर अपने सामान को लाएं दुकानदारों एवं कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं जो दुकान लगाने के लिए कर्ज से पैसे लेकर आए थे लेकिन नुमाइश की अनुमति रद्द होने के चलते 10 दिन पूर्व से अभी तक बिना काम के बैठे हैं।

कुछ दुकानदारों ने बताया कि उनके पास किराए तक के पैसे नहीं हैं जिससे वह अपने सामान को वापस ले जा सकें। वहीं अनेक व्यापारी एवं युवा नेता क्षेत्र के मान सम्मान का हवाला देते हुए नुमाइश लगाने की अनुमति को बहाल कराने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अब मोहर्रम और रक्षाबंधन पर्व के बाद यदि नुमाइश लगे तो क्षेत्र के लोगों के साथ ही बेरोजगार हुए इन दुकानदारों को रोजी रोटी मिले और सम्मान सहित अपने घर लौट सकें।

Edited By: Anil Kushwaha