अलीगढ़, जागरण संवाददाता। आस्था अग्रवाल ने बहन आकांक्षा की एक दोस्त को मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे ही मैसेज किया था। इसमें लिखा था कि मेरी हत्या की योजना है...। मेरे बच्चों को बड़ी दीदी के पास छोड़ दिया जाए। लेकिन, दोस्त के मोबाइल फोन में इंटरनेट डाटा न होने के चलते यह मैसेज परिवार को बुधवार को मिल पाया। पुलिस को इसके स्क्रीनशाट्स भी दिए गए हैं। वहीं आस्था के साथ काम करने वाले मनीष ने भी मंगलवार रात साढ़े सात बजे फोन पर बात कीं तो कुछ असहज लगा था। इधर, पुलिस की जांच में भी यही सामने आया है कि अरुण अपने दोनों बच्चों को घटना से पहले ही बड़े भाई के घर छोड़ गया था। इसके बाद क्या हुआ, यह अरुण के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा। हालांकि मुकदमे में नामजद अरुण के दोनों भाइयों व दोस्त से पूछताछ कर रही है।

दोनों बच्चे चाइल्डलाइन के सुपुर्द

पुलिस ने दोनों बच्चों से बात कीं। उनके बयान दर्ज किए गए हैं। इसमें बच्चों ने भी माता-पिता के बीच झगड़े होने की बात बताई है। हालांकि गुरुवार तक बच्चों को आस्था के परिवार के लोगों के सामने नहीं लाया गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों बच्चों को सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) के सुपुर्द कर दिया है।

एटा चुंगी तक मिली लोकेशन

अरुण की तलाश में एसओजी व सर्विलांस समेत चार टीमें लगाई गई हैं। अरुण की आखिरी लोकेशन एटा चुंगी पर ही मिली थी। इसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस अरुण के करीबियों व रिश्तेदारों में भी तलाश कर रही है।

यूएस से बड़े भाई के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार

आस्था की दो बहनें और दो भाई हैं। बड़ी बहन आरती दिल्ली में रहती हैं। बड़े भाई अमित गुप्ता यूएस में हैं। जबकि छोटी बहन आकांक्षा आगरा और छोटा भाई अभिनय नोएडा में हैं। अभिनय ने बताया कि बहन व अरुण के बीच अक्सर झगड़े होते थे। इसकी शिकायत पुलिस से भी की गई थी। लेकिन, हर बार समझौता हो जाता था। अभियन के मुताबिक, बड़े भाई के आने के बाद शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इन्होंने किया पोस्टमार्टम

पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में डा. विशाखा माधवी, डा. अनिल कुमार, डा. नीरज गुप्ता, डा. हारून यूसुफ समेत छह डाक्टर शामिल रहे। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। शात करीब सात बजे आस्था का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंच गया।