जासं, अलीगढ़ : नगर निगम के सेवाभवन में लगे जनरेटर 11 माह में कितना डीजल पी गए, इसकी जानकारी निगम अधिकारी नहीं दे पा रहे। जनसूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआइ) के तहत जानकारी मांगी तो जवाब मिला कि सूचनाएं देना आच्छादित नहीं है। यानी, कानून के तहत उक्त जानकारी नहीं दी जा सकतीं। आवेदक ने आपत्ति जताते हुए नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सूचनाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

बन्नादेवी क्षेत्र की फायर ब्रिगेड कॉलोनी निवासी अविनाश सिंह ने फरवरी, 20 में आरटीआइ के तहत नगर निगम से कुछ बिदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। पूछा, सेवाभवन में कुल कितने जनरेटर कहां-कहां लगे हैं, इनकी क्षमता कितनी है? एक अप्रैल, 19 से 29 फरवरी, 20 तक इन जेनरेटरों पर कितने लीटर डीजल खर्च हुआ? प्रत्येक दिन व माह का ब्योरा लॉगबुक की प्रतिलिपि समेत मांगा था। पेट्रोल पंप द्वारा कितनी धनराशि के बिल उपलब्ध कराए गए, ये भी जानकारी मांगी गई। नगर आयुक्त को लिखे पत्र में आवेदक ने कहा कि निर्धारित समय में सूचना न मिलने पर प्रथम अपील की गई। तब भी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। 14 सितंबर को निगम के सूचना सेल से आवेदन से संबंधित पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया सूचनाएं देना आच्छादित नहीं हैं। आवेदक का आरोप है कि ये भ्रष्टाचार का मामला है, अधिनियम का हवाला देकर जानबूझकर सूचनाएं छिपाई जा रही हैं।

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