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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परफोर्मेंस ग्रांट से लाभांवित पंचायतों में अब विकास कार्य पकड़ेंगे रफ्तार

By Anil KushwahaEdited By:
Published: Mon, 15 Nov 2021 09:02 AM (IST)Updated: Mon, 15 Nov 2021 09:06 AM (IST)

अलीगढ़ जागरण संवाददाता। परफोर्मेंस ग्रांट से लाभांवित पंचायतों में अब जल्द ही विकास कार्य रफ्तार पकड़ सकते हैं। सोमवार को ...और पढ़ें

परफोर्मेंस ग्रांट से लाभांवित पंचायतों में अब जल्द ही विकास कार्य रफ्तार पकड़ सकते हैं।
परफोर्मेंस ग्रांट से लाभांवित पंचायतों में अब जल्द ही विकास कार्य रफ्तार पकड़ सकते हैं।

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। परफोर्मेंस ग्रांट से लाभांवित पंचायतों में अब जल्द ही विकास कार्य रफ्तार पकड़ सकते हैं। सोमवार को विकास भवन में टेंडर खोले जाने हैं। अगर सब कुछ सही रहा तो टेंड जारी हो जाएंगे। इसके बाद एक साथ विकास कार्य शुरू होेंगे। पिछले दिनों घटिया निर्माण के चलते यहां पर चार ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। ऐसे में करीब डेढ़ महीने से विकास प्रभावित हैं। 78 लाख से अधिक कायों को श्रमदान घोषित किया जा चुका हैं। ऐसे में अब ग्रामीण भी दिलचस्पी से टेंडरों का इंतजार कर रहे हैं।

माडल के रूप में विकसित होंगे पिछड़े ग्राम पंचायत 

शासन स्तर से विकास की दृष्टि से पिछड़ी ग्राम पंचायतों को माडल के रूप में विकसित करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत सूबे के 16 जिलों में परफारर्मेंस ग्रांट से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जिले में बिजौली ब्लाक की सांकरा, हरदोई एवं दादों को इसमें शामिल किया गया। इसके लिए कुल 40 करोड़ की धनराशि आवंटित हुई है। दादों को सबसे अधिक करीब 12 करोड़ रुपये मिले हैं। पिछले दिनों हरदोई व दादों में इस धनराशि से हो रहे निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इस पर सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन मदनपाल को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने दोनो गांव में पहुंचकर पड़ताल की। इसमें काफी खामियां मिलीं। घटिया गुणवत्ता से निर्माण कार्य मिले। इसकी रिपोर्ट उच्च अफसरों को दी।

खराब गुणवत्‍ता वाले कार्यों को श्रमदान घोषित किया

इस रिपोर्ट पर डीएम ने दोनों पंचायतों के खराब गुणवत्ता वाले 78 लाख के कार्यों को श्रमदान घोषित कर दिया। वहीं, चार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया। तब से अब तक तीनों गांव में निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। टेंडर भी नहीं हो पा रहे थे। अब पिछले दिनों से पहले से पड़े हुए टेंडरों को खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार को यह टेंडर खोले जाने थे, लेकिन तकनीकी खामी के चलते यह नहीं खुल सके। अब फिर से सोमवार को इन्हें खोला जाएगा। इसके बाद एक साथ निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि विभाग विकास कार्यों को लेकर गंभीर है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।