अलीगढ़, जागरण संवाददाता । नई शिक्षा नीति के तहत कई सारे बदलाव शिक्षा में किए गए हैं। इसको लेकर नए-नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। बचपन से ही यानी बेसिक शिक्षा से ही बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने व मानसिक रूप से रोजगार के लिए तैयार करने के प्राविधान नई शिक्षा नीति में किए गए हैं। इसी के तहत अब कक्षा छह से आठवीं तक के जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थियों को करंट अफेयर्स की तैयारी कराने की मुहिम स्कूलों में चलाई जाएगी। इसके तहत विद्यार्थी रटकर या पढ़कर नहीं सीखेंगे। बल्कि खुद प्रैक्टिकल करके चीजों को समझेंगे।

विद्यार्थी खुद अपना अखबार तैयार करेंगे

शिक्षा की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ने वाले विद्यार्थी अपना खुद का अखबार तैयार करेंगे। यह अखबार सिर्फ प्रेरणा ही नहीं देगा बल्कि औरों को शिक्षित करने का काम भी करेगा। जिनके द्वारा यह अखबार बनाया जाएगा उसी वर्ग के लोग इस अखबार का लाभ भी उठा सकेंगे। कोरोना काल की विषम परिस्थितियों के बाद शिक्षा क्षेत्र में भी काफी बदलाव किए जा रहे हैं। यह बदलाव विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान व रोजगारपरक शिक्षा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

प्रोजेक्‍ट कार्य के तहत करायी जाएगी ये गतिविधि

कक्षा छह से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपने अखबार भी तैयार करेंगे। प्रोजेक्ट कार्य के तहत बच्चों को यह गतिविधि कराई जाएगी। इसके तहत रोजाना समाचार पत्रों में छपने वाले समसामयिक घटनाक्रम व सामान्य ज्ञान की विषय वस्तु को काटकर एक अलग शीट पर चिपकाया जाएगा। ऐसी कई घटनाओं को संकलित कर एक साथ एक शीट पर लगाकर बच्चे अपना अखबार तैयार करेंगे। इस अखबार को स्कूल में अन्य विद्यार्थियों के साथ भी साझा किया जाएगा। इससे एक विद्यार्थी की ओर से तैयार किया गया अखबार जिसमें अलग-अलग जानकारियां होंगी वह दूसरे बच्चों तक पहुंचेगी। इसी तरह किसी अन्य विद्यार्थी द्वारा तैयार किए गए अखबार को जब दूसरे विद्यार्थी पढ़ेंगे तो उनके पास कई क्षेत्रों का सामान्य ज्ञान इकट्ठा होगा। इसके अलावा प्रोजेक्ट के तौर पर विद्यार्थियों को कहानी, कविता, लेख आदि तैयार करने के गुर भी सिखाए जाएंगे। प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों के निर्देशन में छात्र-छात्राएं इन गतिविधियों को करेंगे। ब्लाकवार जिले के सभी स्कूलों में यह गतिविधियां कराई जानी अनिवार्य होंगी। इस संबंध में शासन की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिलास्तर पर शिक्षा अधिकारियों ने भी प्रधानाध्यापकों व खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में तैयारियां करने के निर्देश दे दिए हैं।

इनका कहना है

बीएसए सत्येंद्र कुमार ढाका ने बताया कि विद्यार्थियों में कुछ करके सीखने की भावना को जागृत करने के लिए यह योजना बनाई गई है। बच्चे जब खुद से प्रोजेक्ट तैयार करेंगे तो उनके ज्ञान में खुद बढ़ोतरी होगी। करंट अफेयर्स मजबूत होगा तो भविष्य में उनको प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने में आसानी होगी।

Edited By: Anil Kushwaha