अलीगढ़ (जेएनएन)।  उत्तराखंड में शनिवार तड़के पिथौरागढ़ व चमोली जिले में तीन स्थानों में बादल फटने से अलीगढ़ के सिख समाज के 100 के करीब तीर्थयात्री फंस गए हैं। चमोली के गोविंद घाट में पार्किंग में खड़े 40 से ज्यादा वाहन मलबे में दब गए।  35 से 40 घरों, दुकानों और होटलों में मलबा घुस गया है। इससे तीर्थयात्रियों के परिजन चिंतित हैं। हालांकि, वहां के प्रशासन ने उन्हें गुरुद्वारे में रोक दिया है।

दर्शन करने गए थे

नई बस्ती स्थित आवास विकास कॉलोनी के बलविंदर सिंह उर्फ बिट््टू पांच सितंबर को उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा दो बसों से तीर्थयात्रियों को दर्शन कराने गए थे। सभी लोग उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित गुरुद्वारे में पहुंचे। शनिवार को उन्हें हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होना था। वहां के प्रशासन ने अलर्ट जारी कर अलीगढ़ समेत तमाम क्षेत्रों से पहुंचे तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे में ही रुकने को कहा गया।

तीन बजे हुए हादसा

शनिवार तड़के तीन बजे पिथौरागढ़ जिले की मुनस्यारी तहसील के तल्ला जोहार के टिमटिया क्षेत्र में बादल फट गया। इससे बरसाती गदेरे में उफान आ गया। आवासीय मकान ध्वस्त हो गया, उसमें रह रहे 60 वर्षीय रामसिंह की मौत हो गई। उफान में थल-मुनस्यारी मार्ग का काफी हिस्सा बह गया। स्थानीय मार्ग भी मलबे के पटने होने के कारण बंद हो गए हैं। रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बारिश व भूस्खलन से चारधाम यात्रा मार्ग भी बाधित रहे।

गुरुद्वारे में हैं अलीगढ़ के तीर्थयात्री

अलीगढ़ के गए तीर्थयात्री अभी सकुशल गुरुद्वारे में ही हैं। बादल फटने से हाईवे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे निकलना मुश्किल हो रहा है। सरदार बलविंदर सिंह ने बताया कि मौसम ठीक होने पर रविवार को उन्हें हेलीकाप्टर से निकाला जाएगा। फोन से परिवार के लोगों से बातचीत हुई है। प्रशासन पूरी मदद कर रहा है, इसलिए दिक्कत की बात नहीं है। धर्मगुरु सरदार भूपेंदर सिंह ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी से तीर्थयात्रियों का जत्था गया था। उनके ही फंसने की सूचना मिली है। सभी सुरक्षित हैं।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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