अलीगढ़, जागरण संवाददाता। शेखाझील पर जल्द ही प्रवासी पक्षियों का कलरव गूंजेगा। रूठे प्रवासी परिंदो को बुलाने के लिए अब प्रशासन ने पहल की है। दैनिक जागरण में 24 व 25 नवंबर के अंक में झील में जलकुंभी होने से पक्षियों के रूठने की खबर प्रमुखता से छपने के बाद प्रशासन ने झील की सफाई मनरेगा से कराए जाने का निर्णय लिया है। सीडीओ ने इसके लिए उपायुक्त मनरेगा को प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें झील के आसपास की ग्राम पंचायतों का सहयोग भी लिया जाएगा।

खास बातें

  • - झील में जलकुंभी देखकर मार्ग परिवर्तित कर रहे प्रवासी पक्षी
  • - सीडीओ के निर्देश पर उपायुक्त ने तैयार किया प्लान

कई साल से नहीं हुई सफाई

शेखाझील पक्षी विहार में इस बार देसी-विदेशी पक्षियों की चहचहाट सुनाई नहीं दे रहे। नवंबर माह के अंत तक झील ही नहीं, उसके आसपास भी ये पक्षी उछलकूद करते हुए दिखाए दे जाते थे। विगत कई सालों से झील में जलकुंभ की सफाई समय से न होने के कारण पक्षियों की संख्या निरंतर घट रही है। इस बार शासन से झील की सफाई के लिए बजट नहीं मिल पाया। ऐसे में वन विभाग कुछ मजदूरों को लगाकर झील की सफाई करा रहा है। झील में मानव की उपस्थित देख पक्षी डरकर लौट रहे हैं। हालांकि, सुबह के समय पक्षियों के झुंड अब दिखने लगे हैं, लेकिन वे ज्यादा देर तक नहीं ठहर रहे। दैनिक जागरण ने पक्षियों के रूठने की खबरों को 'आंसू बहा रहा वेटलैंड...पक्षी हुए हिरन' व 'शेखाझील से रूठे प्रवासी मेहमान, पटना पक्षी विहार हुआ गुलजारÓ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरें छपने के बाद वन विभाग ने जलकुंभी की सफाई में और तेजी दिखाई, वहीं प्रशासन को भी समस्या से अवगत कराया।

सफाई के लिए दिए निर्देश

सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने तत्काल मनरेगा उपायुक्त को तलब किया। उन्हें झील की सफाई के लिए तुरंत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। आसपास की ग्राम पंचायतों के सहयोग से झील की सफाई का कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी तत्परता दिखाते हुए भवनखेड़ा समेत पांच गांवों के ग्राम प्रधानों से वार्ता शुरू कर दी है। जल्द ही मनरेगा मजदूरों को झील की सफाई के कार्य में लगा दिया जाएगा, ताकि कुछ दिन में ही झील से सारी जलकुंभी निकाली जा सके। डीएफओ दिवाकर कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जल्द ही झील में मनरेगा से काम शुरू हो जाएगा।

Edited By: Anil Kushwaha