अलीगढ़, जेएनएन।  प्रशासन ने पिछले दो सालों की तरह इस बार भी सर्किल रेट न बढ़ाने का फैसला लिया है। शुक्रवार तक डीएम इस पर अंतिम मुहर लगा दी हैं। सर्किल रेट न बढ़ने से इस साल बैनामों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की है। हालांकि, पिछले दो साल से लगातार सुधार हो रहा है। कोरोना के बाद भी बड़ी संख्या में बैनामे हो रहे हैं। सबसे अधिक बैनामे कोल व खैर तहसील में हो रहे हैं।

हर साल जारी होते हैं नए सर्किल रेट

प्रशासन की ओर से हर साल नए सर्किल रेट जारी होते हैं। एक अगस्त से इनकी शुरुआत होती है। पिछले दो साल से जिले में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। पहले जहां जमीन का कारोबार मंदा चल रहा था, वहीं पिछले साल कोरोना आ गया है। फिलहाल शहर और देहात में आवासीय, व्यवसायिक जमीनों के दाम अलग-अलग हैं। अगस्त 2018 में लागू हुए नए सर्किल रेट में अलीगढ़ का सबसे महंगा क्षेत्र रामघाट रोड और मैरिस रोड है। इन दोनों इलाकों में 80 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर सर्किल रेट हैं। अब वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी हो गई है। निबंधन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अच्छी खबर यह है कि इस साल भी सर्किल रेट न बढ़ाने का प्रस्ताव बना है। हालांकि, अभी डीएम की मुहर लगनी बाकी है। हालांकि, इतना साफ है कि अगर दाम नहीं बढ़ते हैं तो फिर इस बार बैनामों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। हालांकि, नोएडा सीमा में जेवर एयरपोर्ट बनने से खैर तहसील में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ी है। डिफेंस कारिडोर, यूनिवर्सिटी से भी जमीन के बैनामें बढ़े हैं। एआईजी स्टांप ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पहले कई साल तक जमीन का कारोबारा काफी सुस्त रहा है। अब गति बढ़ रही हैं, लेकिन कोरोना के झटका भी लग रहा है। ऐसे में इस बार भी दाम बढ़ाने का फैसला नहीं हुआ है।

Edited By: Anil Kushwaha