अलीगढ़, जेएनएन ।  जिलेभर के थानों में लंबित मामलों को लेकर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सख्ती दिखाई है। एसएसपी ने सभी थानों में शनिवार और रविवार को विवेचना दिवस मनाकर लंबित मामलों को निपटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि सभी दारोगा आपस में ग्रुप डिसकशन भी करें, ताकि कोई दिक्कत न आए। 

लंबित मामलों की समीक्षा की

एसएसपी ने सीसीटीएनएस से प्राप्त विवेचक वार लंबित मामलों की समीक्षा की है। इसमें पता चला है कि कुछ दारोगाओं के पास 40 से भी अधिक विवेचना हैं, जबकि उसी थाने के अनेक विवेचकों के पास मात्र एक विवेचना है। इसी तरह बहुत से दारोगा स्थानांतरण के बाद भी कुछ दारोगा उसी थाने की विवेचना में लगे हुए हैं। ऐसे में कोशिश की जाए कि जिसके पास सबसे अधिक विवेचना है, उसकी विवेचना आधी करके नए दरोगा को दे दी जाए। जो दरोगा थाने पर तैनात नहीं है, जनकी विवेचनाएं किसी अन्य दारोगा को आवंटित की जाएं। एसएसपी ने कहा कि किसी भी दारोगा पर अनावश्यक भार न हो। विवेचनाओं में सही अनुपात में वितरण किया जाए। एसएसपी ने दो दिन के अंदर सभी सीओ को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। दो दिन बाद सीसीटीएनएस के माध्यम से देखा जाएगा कि किस थाने द्वारा कितनी चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है। 

अनावश्यक एफआर न लगाएं 

एसएसपी ने कहा कि जिन थानों में पेंडिंग विवेचना तीन प्रतिशत से ज्यादा या 150 से अधिक हैं, वह पेंडेंसी कम करें। अनावश्यक एफआर लगा कर विवेचना समाप्त न करें। जल्द मेडिकल रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट, विधिक राय आदि प्राप्त कर निस्तारित करें। किसी भी मामले में निर्दोष व्यक्ति प्रताड़ित न हो। विवेचना में फर्जी पाए गए मामलों को भी जल्द निपटाएं।  

ग्रुप डिसकशन करें दारोगा 

एसएसपी ने कहा कि शनिवार व रविवार को सुबह 10 से शाम चार बजे तक थानों पर विवेचना दिवस मनाएं। इसके लिए थानों पर सभी विवेचक परस्पर विचार-विमर्श करते हुए सात साल से कम सजा की धारा वाली विवेचनाओं का निस्तारण सुनिश्चित करवाएं। देखने में आता है कि मात्र एक या दो केस डायरी लिखना शेष होती हैं, जिस कारण विवेचना लंबित रहती है और वादी परेशान होता है। एसएसपी ने आदेश दिया कि सभी दरोगा या विवेचक ग्रुप डिस्कशन अवश्य करें। बहुत सी भ्रांतियां या ज्ञान की कमी ग्रुप डिस्कशन से दूर हो जाती हैं और विवेचना में गुणवत्ता आती हैं। थानाध्यक्ष व सीओ लीडरशिप प्रदान करें।