हाथरस, जेएनएन। बूलगढ़ी मामले में जांच कर रही सीबीआइ एक-एक बिंदु पर मुतमुईन होना चाहती है। चारों आरोपितों में से एक के नाबालिग होने का एक सबूत मिलने के बाद सीबीआइ अन्य प्रमाण भी जुटाने के लिए फिर गांव पहुंची।

 उम्र 18 वर्ष से कुछ माह कम आकी गई

बूलगढ़ी मामले में चारों आरोपितों के घरों पर जाकर सीबीआइ तमाम जानकारियां जुटा चुकी है। एक आरोपित के यहां हाईस्कूल की अंकतालिका मिली। जिसमें दर्ज जन्मतिथि के आधार पर उसकी उम्र 18 वर्ष से कुछ माह कम आकी गई। आरोपित ने हाईस्कूल की पढ़ाई जवाहर स्मारक इंटर कालेज, मीतई में की है। हालांकि परीक्षा में वह फेल हो गया था। सीबीआइ की टीम कालेज जाकर भी इसकी तस्दीक कर चुकी है।
  परिवार रजिस्टर से ली जानकारी
सीबीआइ की टीम सुबह गांव पहुंची। टीम नाबालिग आरोपित के पड़ोस में रहने वाले घरों के अलावा उसके साथ पढऩे वाले लड़कों के यहां भी गई। टीम के दो सदस्य गांव के ही प्राइमरी स्कूल भी गए थे। स्कूल में शिक्षण कार्य बंद चल रहा है। सिर्फ शिक्षक ही आ रहे हैं। स्कूल के हेडमास्टर से रिकार्ड देखने के साथ जानकारी भी ली थी। टीम ने गांव का परिवार रजिस्टर मंगाकर भी पड़ताल की। परिवार रजिस्टर में परिवार के हर सदस्य की जानकारी के साथ उसकी उम्र भी दर्ज होती है।
 
छोटू के घर पर भी गई टीम
टीम ने गुरुवार को घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले छोटू के घर जाकर भी छानबीन की। वहां छोटू के अलावा उनके परिवार वालों से से पूछताछ की। छोटू से पहले भी कई बार पूछताछ की जा चुकी है।
 
एनजीओ में पढ़ाने वाली शिक्षिका से होगी पूछताछ
सीबीआइ की टीम अपनी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। आरोपित और मृतका के स्वजन के पड़ोसियों के अलावा अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। गांव की ही एक महिला एनजीओ के माध्यम से बच्‍चों को पढ़ाती है, उनके पास आज एक फोन आया था। यह बात उसके स्वजन ने बताई है। महिला को सीबीआइ नेे अस्थाई कार्यालय पर पूछताछ के लिए बुलाया है।   

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