अलीगढ़ (रिंक शर्मा)। विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा से विसरा रिपोर्ट न आने से पिछले तीन सालों में जिले के करीब 276 लोगों की मौत की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पा रही है। जांच को भेजे गए विसरों में से अभी तक एक भी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट में देरी के चलते अधिकांश मामले अधर में ही लटके पड़े हैं।

ये है विसरा प्रिजर्वेशन 

 संदिग्ध परिस्थिति में हुई जिस किसी मौत की गुत्थी डॉक्टर नहीं खोज पाते हैं तो विसरा प्रिजर्व कर मृतक के पेट में मिली खाद्य सामग्री को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, आगरा भेजा जाता है। विसरा रिपोर्ट से यह साफ हो जाता है कि व्यक्ति की मौत कैसे हुई? संदिग्ध हालात में मिलने वाले शव, जलने व हैंगिंग (खुदकशी) जैसे संगीन मामलों में जांच की जरूरत पड़ती है। विसरा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाती है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी मौत का कारण स्पष्ट न होने पर शव का विसरा प्रिजर्व कर उसे पुलिस को सौंप देते हैं।

लंबी चलती है जांच प्रक्रिया

विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट देरी से मिलने का बहाना बनाकर पुलिस मामले को लंबा खींचती है। फिर मामला शांत होने पर चुपके से फाइनल रिपोर्ट लगाकर विवेचना को समाप्त कर देती है।

वर्ष, पोस्टमार्टम , जांच को बिसरा प्रिजर्व, लंबित

2017, 1698, 140, 140

2018, 1750, 120,120

2019,  145, 16, 16

(आंकड़े 28 फरवरी 2019 तक )

विसरा प्रयोगशाला में लाना पुलिस का काम

सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि विसरा रिपोर्ट प्रयोगशाला से लाना पुलिस का काम है। स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध मामलों में केवल पोस्टमार्टम हाउस से विसरा प्रिजर्व कर पुलिस को सौंपता है।

जल्द आगरा भेजेंगे पत्र

एसएसपी आकाश कुलहरि का कहना है कि बिसरा जांच लंबित होने की जानकारी कराएंगे। विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा से भी जल्द जांच रिपोर्ट देने को पत्र भेजा जाएगा, ताकि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण हो सके।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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