हाथरस, संवाद सहयागी। मालगाड़ी ट्रेन को स्टेशन के समीप खड़ा करने के बाद गार्ड व चालक उसे छोड़कर चले गए। यह ट्रेन करीब 30 घंटे बाद दूसरे गार्ड व चालक के आने पर मथुरा की ओर रवाना हुई। इस दौरान रेलवे क्रासिंग का गेट बंद होने से राहगीरों व स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यह है मामला

रेलवे को सबसे संवेदनशील विभाग समझा जाता है। थोड़ी कमी होने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। अब यहां पर यह कहावत झूठी साबित हो रही है। बुधवार की रात्रि करीब 12.15 बजे मालगाड़ी को सिकंदराराऊ स्टेशन के पास गांव बुंदुखां के समीप रेलवे क्रासिंग गेट पास खड़ा करके चले गए। यह ट्रेन दूसरे दिन भी खड़ी रही। यह ट्रेन कासगंज से मथुरा की ओर जा रही थी। स्टेशन मास्टर ने इसकी सूचना तत्काल मंडल कार्यालय पर उच्चाधिकारियों को दे दी। काफी इंतजार करने के बाद भी चालक व गार्ड नहीं आने से स्टेशन प्रशासन भी परेशान रहा।

क्रासिंग का गेट बंद रहने परेशान रहे राहगीर

मालगाड़ी ट्रेन करीब क्रासिंग गेट को पार कर आगे जाकर खड़ी थी। इसीलिए इस क्रासिंग गेट को बंद गेट भी नहीं खुल सका था। क्रासिंग गेट बंद होने से गढ़ी बुंदू खां, मोहनगढ़ी सहित छह गांव के राहगीर परेशान रहे। वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेन के खड़ी रहने से स्टेशन प्रशासन को भी सचेत रहना पड़ा। जीआरपी व आरपीएफ भी सक्रिय रहे।

30 घंटे बाद स्टेशन से रवाना हुई ट्रेन

मालगाड़ी ट्रेन के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कासगंज से चालक व गार्ड भिजवाए गए। इसके बाद यह ट्रेन शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे स्टेशन के पास से मथुरा की ओर रवाना हुई। ट्रेन के जाने के बाद ही रेलवे क्रासिंग के गेट को खोला गया। एएसएम सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रेन को सुबह रवाना कर दिया गया है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।