अलीगढ़, जेएनएन।  कोरोना से संक्रमित हुए लोगों के जख्म भले ही भर गए हों, मगर शादी-विवाह व अन्य आयोजनों से जुड़ी इंडस्ट्रीज के कारोबारी आज भी जार-जार रो रहे हैं। महामारी के चलते पिछले 18 माह से मैरिज होम, फार्म हाउस व अधिकांश वैक्युंट बेजार हैं। टैंट व्यवसाय, लाईट, कैटरिंग, फ्लोवर डेकोरेटर्स, डीजे, स्टेज, वीडियो व फोटो ग्राफर की रोजी रोटी पर घनघौर संकट है। सनातन धर्म को मानने वाले हिंदू परिवारों की शादी का सीजन बुरी तरह पिट गया है। कोविड की पाबंदियां है कि हटने का अभी नाम नहीं ले रही हैं। लोग आयोजन करने से कतरा रहे हैं।

सरकार ने लोगों को डरा रखा है

उत्तर प्रदेश टैंट एंड डेकोरेशन एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप गंगा ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार ने लोगों को डरा रखा है। शुभकार्य व वैवाहिक आयोजनों पर ही सरकार ने पाबंदियां लगा रखी हैं। जब सिनेमा घर खुल सकते हैं, राजनीतिक पार्टियों के बड़े बड़े आयोजन हो सकते हैं, मगर शादी विवाह शादी इंडस्ट्रीज को सरकार बर्बाद करने पर तुली है। बैंड बाजा वाले हों या सजावट से जुड़े कारोबारी हों, इनके सामने दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है। सरकार अब पाबंदियों को समाप्त करे। अलीगढ टैन्ट व्यापारी ऐशोशिऐशन के महानगर अध्यक्ष योगेश कुमार ने कहा कि कारोबारी अब इस महामारी को झेल चुका है। पाबंदियों को कम कर कारोबार को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार निर्णय ले। महामत्रीं योगेश गुप्ता ने कहा कि सरकार की अभी भी वैक्युंट हाल की बुकिंग नहीं हो रही हैं। तमाम कारोबारी व वैंडर्स भी भुखमरी के कगार पर हैं।

वैंक्‍यूट हालों का काम होटलो में चला गया

कैटरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा कि वैक्यूंट हालों का काम अब होटलों में चला गया है। इसके चलते कारोबारी पस्त हैं। लाखों रुपये का सामाना स्टोर में खराब हो रहा है। काउंटर व हलवाई को काम नहीं मिल रहा है। सरकार से राजीव माहेश्वरी,रमेश वाष्र्णेय, महेश चंद्र वघेल, मनोज जैन, नकुल वाष्र्णेय,राकेश कुमार वजंरगी, अमित वाष्र्णेय, धरमवीर ने कारोबार के संचालन की बेहतरी के लिए सरकार से राहत देने की मांग की है।

Edited By: Anil Kushwaha