अलीगढ़, जागरण संवाददाता: सांगवान सिटी में रह रहे अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रबंधन सहित कुछ लोगों पर दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सुनवाई न होने पर अपने घरों पर पलायन को मजबूर व मकान बिकाऊ के बैनर लगा दिए हैं। रविवार को समाज के लोग एकत्रित हो गए और विरोध जताया। सपा के जिलाध्यक्ष ने भी वहां पहुंच कर प्रशासन से न्याय की मांग की है। वहीं, प्रोजेक्ट हेड राजकुमार पांडे ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि आयोजन के लिए हमने परमिशन दी थी। लेकिन, यह भी बता दिया था कि धारा 144 लागू होने के कारण कुछ होता है कि इसकी जिम्मेदारी आप लोगों की है। यहां पर हर वर्ष आयोजन होते रहे हैं। किसी भी तरह की धमकी नहीं गई है।

रविवार को परिसर में रहने वाले अनुसूचित जाति समाज के लोग जमा हो गए। उसमें महिलाएं भी शामिल थीं। स्थानीय निवासी संतोष कुमार का कहना है कि सांगवान सिटी में 500 परिवार रहते हैं। इसमें 100 परिवार अनुसूचित जाति के रहते हैं। 14 अप्रैल को डा. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव पर भंडारा व अन्य कार्यक्रम करना चाहते थे लेकिन नहीं करने दिया। जबकि यहां पर अन्य समाज के लोग सभी तरह के कार्यक्रम करते हैं। हम उनके बारे में कभी कुछ नहीं कहते हैं। यह स्थिति 2017 से चली आ रही है। उस समय भी आयोजन से तीन दिन पहले आयोजन स्थल में पानी भरवा दिया था। उस समय प्रोजेक्ट के प्रबंधन की ओर से धमकी दी गई थी कि हमें चाहे गोली क्यों न चलानी पड़े? इसके लिए हमने डीएम से लेकर प्रधानमंत्री के लिए पत्र लिखा था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने कहा कि डा. आंबेडकर के जन्मोत्सव पर कार्यक्रम सभी जगह होता रहा है। यहां पर जाति विशेष के लोगों को सिटी कार्यक्रम नहीं करने दिया जा रहा है। प्रशासन से मांग करते हैं कि इन लोगों के साथ न्याय किया जाए। इंस्पेक्टर महुआखेड़ा ने बताया कि इस मामले की कोई शिकायत नहीं मिली है।

Edited By: Aqib Khan