अलीगढ़, जागरण संवाददाता। डीआइओएस कार्यालय में कार्यरत एक बाबू पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं। प्रमोशन कराने के नाम पर राशि मांगने और फिर काम भी न कराने के प्रकरण पर अफसरों ने जांच बैठा दी है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। राशि लेने के बाद भी काम न होने और राशि वापस न करने पर प्रकरण सामने आया है।

डीआइओएस कार्यालय के बाबू का कारनामा

शिव शक्ति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवाबपुर दादों के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ने डीआइओएस कार्यालय के एक बाबू पर राशि लेकर भी प्रमोशन न करने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता कर्मचारी ने बताया कि बाबू ने पहले 20 हजार रुपये लिए, जब काम नहीं हुआ तो पूछने पर कहा कि 20 हजार तो अधिकारी के पास चले गए अब उसके लिए भी कुछ इंतजाम करो। इस पर पांच हजार रुपये फिर दिए। फिर भी प्रमोशन न होने पर जब रुपये मांगे तो बाबू ने कहा कि रुपये तो साहब के पास गए अब वापस नहीं हो सकते। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। समिति बनाकर जांच बैठा दी गई है, रिपोर्ट आने पर जो भी दोषी मिला उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

एएमयू में विवादित भाषण देने पर शरजील पर दर्ज हुआ था मुकदमा

अलीगढ़ । एएमयू में विवादित भाषण देने के मामले में शरजील इमाम के मामले दो साल पहले 26 जनवरी को ही मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शरजील को गिरफ्तार किया। यहां स्थानीय अदालत में शरजील की पेशी हुई। लेकिन कोरोना के चलते लंबे समय से शरजील की पेशी नहीं हो सकी थी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर 16 जनवरी 2020 को एएमयू में धरना आयोजित हुआ था। इसमें जेएनयू के छात्र नेता शरजील इमाम ने भाषण देते हुए देश को बांटने की बात कही थी। इसका वीडियो वायरल होने पर 26 जनवरी को अलीगढ़ के सिविल लाइन थाने में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया। दिल्ली और असम में भी मुकदमे दर्ज हुए थे। दिल्ली पुलिस ने 28 जनवरी को शरजील इमाम को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया। लाकडाउन से पहले असम पुलिस शरजील को अपने साथ ले गई थी। फिर दिल्ली पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर ले आई। तब से वह तिहाड़ जेल में है।

Edited By: Anil Kushwaha