AMU प्रशासन का बड़ा फैसला: छात्रसंघ चुनाव की मांग करने वाले यासिर फहद का निलंबन खत्म
एएमयू प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर धरने पर बैठे एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद का निलंबन ...और पढ़ें

HighLights
यासिर फहद का एएमयू से निलंबन निरस्त।
छात्रसंघ चुनाव की मांग पर हुए थे निलंबित।
दीपावली के कारण चुनाव तारीख बदलने की मांग।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी के बीच इंतजामिया ने एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद का निलंबन निरस्त कर दिया है। चुनाव की मांग को लेकर यासिर धरने पर बैठे थे। चुनाव कराने का एलान करने के साथ कुलपति ने निलंबन वापस लेने का भी वादा किया था।
यासिर फहद एसएस नार्थ हाल के छात्र हैं। उन्हें 14 सितंबर को डक प्वाइंट से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकालने और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के आरोप में निलंबित किया गया था। आरोप था कि उन्होंने करीब 10 अन्य लोगों के साथ बाब-ए-सैयद के मुख्य प्रवेश द्वार पर अवरोध पैदा किया।
इस मामले में दिए गए ज्ञापन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन, विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी और छात्राओं से जुड़े मामलों में भ्रामक दावे करने के आरोप भी लगाए गए थे। निलंबन के बाद यासिर ने अपनी मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया था।
यह भी पढ़ें- यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश का बड़ा एलान, अगले माह सपा जारी करेगी अपना घोषणा पत्र
इस दौरान छात्र आंदोलन और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच खींचतान का मुद्दा भी चर्चा में रहा। प्राक्टर प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी ने बताया कि यासिर फहद का निलंबन निरस्त कर दिया गया है।
एएमयू छात्रसंघ चुनाव की तारीख बदलने की मांग
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग उठी है। एबीवीपी के पूर्व प्रदेश मंत्री बल्देव चौधरी सीटू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि दीपावली और धनतेरस के आसपास चुनाव होने से बड़ी संख्या में हिंदू छात्र-छात्राओं की सहभागिता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में करीब 4500 हिंदू छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दीपावली पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने घर जाते हैं। ऐसे में उनके मतदान से वंचित रहने की आशंका है।
