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AMU ब्लैकमेलिंग कांड में बड़ा खुलासा, 50 से अधिक युवक हो सकते हैं शिकार; मोबाइल से मिले 12 अश्लील वीडियो

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:08 AM (IST)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वीएम हॉस्टल में डेटिंग एप के जरिए युवकों को ब्लैकमेल करने के मामले में बड़ा ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. आरोपितों के मोबाइल से 12 अश्लील वीडियो बरामद हुए।

  2. डेटिंग एप के जरिए युवकों को फंसाकर ब्लैकमेल किया जाता था।

  3. 50 से अधिक युवक इस गिरोह के शिकार हो सकते हैं।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वीएम हॉस्टल में डेटिंग एप के माध्यम से युवकों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने के मामले में चौंकाने वाले राजफाश हो रहे हैं। पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से 12 वीडियो और कई अहम फुटेज मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि गिरोह ने 50 से अधिक युवकों को अपना शिकार बनाया है। साइबर टीम अब इन वीडियो के आधार पर पीड़ितों की पहचान करने और उनसे संपर्क साधने में जुटी है।

पुलिस का मानना है कि गिरोह ने सिर्फ सामने आए दो मामलों तक ही वारदात सीमित नहीं रखी। वीडियो व फुटेज में मिले सुरागों के आधार पर अन्य पीड़ितों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में अबतक दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पहला मामला सिविल लाइंस थाने में एएमयू कर्मचारी के बेटे की शिकायत पर दर्ज हुआ।

पीड़ित छात्र के पिता के अनुसार, 17 अगस्त की शाम उनके 19 वर्षीय बेटे को एक व्यक्ति बातों में उलझाकर हास्टल के कमरे में ले गया। कमरे में पहले से मौजूद कई लोगों ने छात्र को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, निर्वस्त्र कर यौन उत्पीड़न किया और जेब में रखे 5600 रुपये भी छीन लिए। दूसरा मामला बन्नादेवी थाने में दर्ज कराया गया है।

युवक की शिकायत पर पुलिस ने शहजिल, भोला उर्फ उबैर, मन्नान, आगि और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित के मुताबिक, आरोपितों ने उसे हास्टल बुलाकर अश्लील वीडियो बनाया और ब्लैकमेल कर 60 हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी आरोपित लगातार पैसों की मांग करते रहे।

पहले मुकदमे की खबर मिलने पर पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित डेटिंग एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से दोस्ती करते थे।

इसके बाद उन्हें मिलने के बहाने वीएम हॉस्टल बुलाते थे। वहां पीड़ितों को बंधक बनाकर, मारपीट कर उनके अश्लील वीडियो बना लिए जाते थे और फिर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी। सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि वीडियो और फुटेज के आधार पर पीड़ितों को चिह्नित किया जा रहा है। साइबर टीम को भी जांच में लगाया गया है।

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