अलीगढ़, जेएनएन : दादों क्षेत्र के गांव नगला झबरिया में छोटे लोहिया के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र  की पुण्यतिथि पर समाजवादी छात्र सभा नेता भूपेंद्र यादव के आह्वान पर  विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान भूपेंद्र यादव ने जनेश्वर मिश्र की जीवनी पर प्रकाश डाला। जनेश्वर मिश्र ने छात्र जीवन में अनेक छात्र आंदोलनों में भाग लिया और हमेशा छात्रों, गरीबों, पिछड़े, दलितों, वंचितों की आवाज बने छोटे लोहिया ने कभी अपने संघर्षों से मुंह नहीं मोड़े। राहें चाहे कितनी भी कठिन हों उन्होंने उसका डटकर सामना किया। 

गरीबों की बढ़ती खाई को पाटने का उठाया था जिम्मा

डॉ. लोहिया और राजनारायण जी के बताये आदर्शों को जनेश्वर जी आगे बढ़ाने में लगे हुए थे। लोहिया और राजनारायण के विचार, उन्हीं की सादगी, उन्हीं का संघर्ष और उन्हीं के बताये हुए रास्ते पर जनेश्वर जी चल रहे थे। उन्‍होंने देखा गरीब, पिछड़े, मजदूर और किसान के प्रति नाइंसाफी हो रही है, गरीबी-अमीरी की खाई बढ़ रही है, उसे पाटने का संकल्प जनेश्वर ने लिया था। आजादी के नेताओं ने भी यही संकल्प लिये थे लेकिन गरीबी-अमीरी की खाई और बढ़ रही है। कई बार जनेश्वर मिश्र ने आंकड़े दिये कि आजादी के समय कितनी गैर-बराबरी थी और अब कितनी है। समाजवादी छात्र सभा के नेता भूपेंद्र यादव ने आह्वान किया कि हम सभी छात्र जनेश्वर मिश्र  के आदर्शों पर चलें। इस अवसर पर नरेंद्र यादव प्रधान, उमेश, संतोष,  देवेंद्र,  ओमपाल, दिनेश, बालकिशन यादव, राहुल, शाहरुख, प्रभात, आसिफ, मैनुद्दीन, रोहित समेत तमाम लोग एवं छात्र उपस्थित रहे।

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