अलीगढ़, जागरण संवाददाता। गौंडा थाना क्षेत्र के गांव में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जेल भेजे गए सिपाही की ओर से दाखिल जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान सिपाही पक्ष ने दोनों के बीच समझौता होने की बात बता दी। इस आधार पर अदालत ने उसे सशर्त जमानत दे दी। लेकिन, अब किशोरी की मां और मुकदमे की वादी ने अदालत में लिखित प्रार्थना पत्र दायर करके कहा कि उनका कोई समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपित की रिहाई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है।

यह है मामला

वादी पक्ष के अधिवक्ता बलवीर सिंह ने बताया कि गौंडा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने 16 मई को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 20 अप्रैल को उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ फतेहगढ़ पीएसी में तैनात गांव के रहने वाले सिपाही लखेंद्र व एक अन्य ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अधिवक्ता ने बताया कि एक जून को पाक्सो की विशेष अदालत से आरोपित लखेंद्र की जमानत अर्जी मंजूर हुई है। जमानत आदेश में कहा गया है कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। वहीं अब वादी की ओर से अदालत में लिखित प्रार्थना पत्र दायर किया गया है। इसमें कहा है कि उनका कोई समझौता नहीं हुआ है। यहां तक अदालत के समक्ष गलत व्यक्ति पेश कर व उसके हस्ताक्षर करके गुमराह किया गया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

Edited By: Sandeep Kumar Saxena