जेएनएन, अलीगढ़।  शहर के पॉश बाजार सेंटर प्वाइंट के पास मोबाइल शोरूम में 25 लाख की चोरी से लगे दाग को पुलिस मिटा नहीं पाई है। 35 दिन बीतने के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। चोर सीसीटीवी में कैद थे और पुलिस सिर्फ हाथ-पैर मारती रही। गिरोह को पकड़ा तो दूर, पुलिस शातिरों की पहचान तक नहीं कर पाई। यही नहीं, इलाके में लूट, छिनैती की घटनाएं भी बदस्तूर जारी हैं। 

क्या था मामला 

18 सितंबर को तड़के करीब चार बजे सेंटर प्वॉइंट के पास समद रोड पर मंगलम कॉम्प्लेक्स स्थित मोबाइल शोरूम में चोरी हुई थी। बदमाश सैमसंग, ओपो, एमआइ कंपनी के करीब 88 स्मार्ट फोन ले गए थे, जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपये है। कप्तान ने लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। सीसीटीवी फुटेज में एक बदमाश अंदर दिखा है, जो चोरी कर रहा था। जबकि चार-पांच बदमाश बाहर टहलते नजर आ रहे हैं। इनमें से किसी की पहचान नहीं हो सकी है। व्यापारियों में अब भी इसे लेकर रोष है। वहीं इस घटना के बाद भी क्षेत्र में लूट, छिनैती होती रहीं।

बनी हुई है लापरवाही 

बड़ी चोरी में पुलिस इतनी लापरवाह क्यों बनी हुई है? एसओजी और सर्विलांस की टीम को क्यों कोई इनपुट नहीं मिला? 88 फोन के आइएमईआइ नंबर सर्विलांस पर लगाए गए थे। लेकिन, कई सफलता हाथ नहीं लगी। एसपी सिटी अभिषेक कुमार ने बताया कि चोरी किसी नए गिरोह ने की है। कुछ सुराग मिले थे, जिन पर एसओजी, सर्विलांस काम कर रही है। जल्द ही गिरोह का पता लगा लिया जाएगा। 

चोरियां बढ़ीं, बदमाश बेपरवाह 

25 लाख की चोरी के बाद भी जिले में छिटपुट चोरियों के मामले सामने आते रहे हैं। कहीं दुकानों के शटर काटे गए तो कहीं दिनदहाड़े स्कूटी में रखा बैग उड़ा दिया गया। पुलिस की ढील के चलते बदमाश बेपरवाह होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। देहात के क्षेत्रों में भी भैंस चोरी के मामले बढ़े हैं। लेकिन यहां भी एसओजी टीम पूर तरह निष्किय है। पिछले माह में कोई भी नया गिरोह पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

 

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