सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़।  स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना में भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित मुआवजे में फर्जीवाड़ा हो गया। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) दफ्तर ने छह माह पहले छह लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 1.74 करोड़ का भुगतान कर दिया। शिकायत डीएम तक पहुंची तो रकम की वसूली के लिए तीन रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी किए गए हैैं। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की भी तैयारी है। कार्रवाई की जद में कुछ अफसर व कर्मचारी भी हैं।

यह था मामला

अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2001 में स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना 14 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित की। 2004 में इसके लिए जमीन ली गई। इसमें 1200 फ्लैट तैयार किए गए और 300 प्लॉट काटे गए। कुछ किसानों ने उस समय सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा ले लिया था, कुछ कोर्ट चले गए। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने किसानों को बढ़े सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा देने के आदेश दिए। प्राधिकरण ने किसानों को मुआवजा देने के लिए राशि एसएलएओ के यहां भेज दी।

फर्जी दस्तावेज 

एसएलएओ दफ्तर को करीब चार हजार वर्ग मीटर जमीन का 1.74 करोड़ मुआवजा देना था। इसमें दो भाइयों का हिस्सा था, मगर कुछ फर्जी लोगों ने कर्मचरियों की मिलीभगत से पैसा ले लिया। एसएलएओ में दो-दो लोगों के तीन संयुक्त खाते भेजे गए। इनमें पन्नालाल सैनी को छोड़कर बाकी सब फर्जी थे। अफसरों ने बिना जांच के तीनों खातों में राशि भेज दी।

डीएम ने कराई जांच 

जमीन के दूसरे हिस्सेदार ने डीएम के यहां शिकायत कर कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। डीएम ने जांच कराई तो पता चला कि बिना जांच के कुछ फर्जी लोगों के खातों में राशि भेज दी गई है। अब तीनों खातों के छह खाताधारकों के खिलाफ आरसी जारी की गई है। इसमें 29.16-29.16 लाख की दो आरसी पन्नालाल सैनी व सुनील कुमार निवासी नगला तिकोना व 1.16 करोड़ की तीसरी आरसी पन्नालाल सैनी व राजकुमारी निवासी विष्णुपुरी के नाम जारी हुई है।

मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी 

फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की तैयारी है। इसमें खाताधारकों के साथ कुछ अफसर व कर्मचारी भी शामिल हैैं। कोषागार के जरिये यह रकम खातों में भेजी गई थी।

Posted By: Mukesh Chaturvedi

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